CAA-NRC-NPR के विरोध में लेफ्ट दलों का बड़ा ऐलान
नई दिल्ली। देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) की ओर से भी इस कानून के खिलाफ एक हफ्ते के विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि तमाम लेफ्ट दलों ने 1 जनवरी से 7 जनवरी तक एक हफ्ते का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया है। यह प्रदर्शन नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर और देश की गिरती अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर किया जाएगा। यही नहीं 8 दिसंबर को देशव्यापी हड़ताल का भी आह्वाहन किया गया है।
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वहीं दूसरी तरफ एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भी बिहार में 29 दिसंबर को विशाल रैली करेंगे। यह रैली एनआरसी, सीएए, एनपीआर के खिलाफ की जा रही है, जिसमे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी हिस्सा लेंगे। बता दें कि इससे पहले ओवैसी ने गृहमंत्री अमित शाह पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लागू करने की दिशा में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पहला कदम है।
ओवैसी ने अमित शाह पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर क्यों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में अमित शाह ने मेरा नाम लेकर कहा था कि ओवैसी जी एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाएगा। अब वो इसपर अलग बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह साहब, जिस वक्त तक सूरज पूर्व दिशा से उगता रहेगा, हम सच बोलते रहेंगे। ओवैसी ने कहा कि एनआरसी के लिए पहला कदम है एनपीआर। उन्होंने कहा कि अप्रैल, 2020 में एनपीआर पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नागरिकता अधिनियम, 1955 के मुताबिक एनपीआर करने जा रहे हैं, तो क्या यह एनआरसी से जुड़ा हुआ नहीं है?












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