लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर बधाई देने पहुंचे पीएम मोदी, जानिए 98 वर्ष की आयु में कैसी है हालत?
Lal Krishna Advani Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने आडवाणी को दूरदर्शी और कुशाग्र बुद्धि वाला नेता बताया, और कहा कि उनका जीवन भारत की प्रगति को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा है।
पीएम मोदी ने आडवाणी के निस्वार्थ सेवा भाव और दृढ़ सिद्धांतों के बारे में बात करते हुए उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, "श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिन पर बधाई। दूरदर्शी और कुशाग्र बुद्धि से संपन्न आडवाणी जी का जीवन भारत की प्रगति को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा है।"
पीएम मोदी ने आगे कहा, "उन्होंने हमेशा निस्वार्थ सेवा और दृढ़ सिद्धांतों का भाव दर्शाया है। उनके योगदान ने भारत के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन का आशीर्वाद मिले।"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी 'एक्स' पर वरिष्ठ भाजपा नेता को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा, "एल.के. आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। उनका विशिष्ट नेतृत्व, दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति आजीवन समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना।"
लालकृकष्ण आडवाणी की कैसी है तबीयत?
लालकृष्ण आडवाणी ने 8 नवंबर 2025 को अपना 98 वां जन्मदिन मनाया। आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देने आज जब पीएम मोदी पहुंचे तो वो अपने ड्राइंगरूम में बैठे हुए थे। उनके साथ उनकी बेटी भी मौजूद थीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आडवाणी बढ़ती उम्र की वजह से हो रही परेशानियां से ग्रसित हैं। बाकी वो इस उम्र में सहारा लेकर चल पा रहे हैं। आज जो फोटो सामने आई है उसके चेहरे पर पहले जैसा ही तेज नजर आ रहा है। हालांकि वो थोड़े कमजोर नजर आ रहे हैं। याद रहे दिसंबर 2024 में उनकी तबीयत बिगड़ी थी तब उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
लालकृष्ण आडवाणी के बारें में जानें खास बातें
8 नवंबर, 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान में) में जन्मे आडवाणी 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में एक स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में तीन अलग-अलग कार्यकाल - 1986 से 1990, 1993 से 1998, और 2004 से 2005 तक सेवा दी।
इस तरह वे 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से इसके इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले अध्यक्ष बने। लाल कृष्ण आडवाणी ने पहली बार 1999 से 2004 तक गृह मंत्री के रूप में कार्य किया, और बाद में 2002 से 2004 तक प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उप प्रधान मंत्री के रूप में भी सेवा दी।
राष्ट्र के प्रति उनके असाधारण योगदान को मान्यता देते हुए, आडवाणी को इस साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। लगभग तीन दशकों के अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान, आडवाणी को उनके दृढ़ सिद्धांतों, दूरदर्शी नेतृत्व और भारत के लोकतांत्रिक एवं सांस्कृतिक ढाँचे को मजबूत करने के प्रति आजीवन समर्पण के लिए व्यापक रूप से सराहा गया है।












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