Ladakh Hot Springs: कभी वहां जाना वर्चित था, अब खुल सकता है रास्ता, हाल तक आमने-सामने थीं सेनाएं

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव की शुरुआत हुए चार साल बीत चुके है, लेकिन अभी तक सबकुछ सामान्य नहीं हुआ है। ऐसे में एलएसी के उन इलाकों को पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी है, जहां हाल तक दोनों सेनाएं आमने-सामने थीं।

Ladakh Hot Springs

लद्दाख देखने की इच्छा रखने वाले देशवासियों को जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके के उत्तरी क्षेत्र स्थित पैट्रोलिंग प्वाइंट के नजदीक रणनीतिक चांग चेन्मो सेक्टर तक नागरिकों का जाना अबतक वर्चित था। लेकिन, जल्द भी सैलानियों को उस इलाके में भी पर्यटन की अनुमति मिल सकती है।

Ladakh

वर्जित रहे इलाके भी सैलानियों के लिए खोलने की तैयारी
टीओआई में छपी खबर के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास वाले इलाकों तक नागरिकों को जाने की अनुमति विभिन्न चरणों में दी जा सकती है। पहले चरण में 18,314 फीट की ऊंचाई वाले मार्सिमिक ला इलाके में त्सोग्त्सालो तक जाने की अनुमति मिल सकती है।

Ladakh

चीन की छाती पर चढ़कर सैर कराने की तैयारी!
त्सोग्त्सालो रिम्दी चू और चांग चेन्मो नदियों के संगम के पास एक चरागाह वाला इलाका है। लेकिन, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि पैंगोंग झील के उत्तर इलाके में चीन के दबदबे वाले क्षेत्र से यह बहुत पास में है। वहीं लेह से यह करीब 160 किलोमीटर दूर है।

Ladakh

हॉट स्प्रिंग्स और सीआरपीएफ स्मारक तक भी जा सकेंगे
दूसरे चरण में पर्यटकों को त्सोग्त्सालो से भी आगे हॉट स्प्रिंग्स तक भी जाने दिया जाएगा। इसके अलावा लोग उस स्मारक का भी दर्शन कर सकेंगे जो सीआरपीएफ के 10 जवानों के सम्मान में बना हुआ है। 21 अक्टूबर, 1959 को चीनियों ने उनकी पैट्रोलिंग पार्टी पर हमला कर दिया था।

Ladakh

भारतीय सेना का भी मिल रहा समर्थन
सेना मुख्यालय ने एक सवाल के जवाब में कहा है, 'भारतीय सेना ने हॉट स्प्रिंग और त्सोग्त्सालो जैसी जगहों के अलावा मार्सिमिक ला समेत कई अन्य ट्रेक और रास्तों को खोलने का समर्थन किया है।' पिछले साल सितंबर तक गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन की सेनाएं आमने सामने थीं। यह कदम तब उठाए जा रहे हैं, जब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव शुरू हुए चार साल पूरे होने के बाद भी यह पूरी तरह से सामान्य नहीं हुआ है।

Recommended Video

    Zojila Tunnel का काम जोरों पर, Srinagar से Leh ladakh पहुंचना होगा आसान | वनइंडिया हिंदी
    Ladakh

    स्थानीय लोगों की भी रही है मांग
    यह कदम लद्दाख प्रशासन के पर्यटन के विकास की लाइन पर है और केंद्र सरकार के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास वाले एजेंडे के अनुसार भी। यही नहीं, स्थानीय लोगों की ओर से भी इसकी लंबे समय से मांग की जाती रही है, जो परंपरागत तौर पर अपने मवेशियों के झुंड के साथ वहां स्वतंत्र होकर घूमा करते थे।

    बहुत जल्द ही यह इलाके आम भारतीयों के लिए खोले जाने की उम्मीद
    गौरतलब है कि भारतीयों के लिए इनर लाइन परमिट सिस्टम को 2021 के अगस्त में ही खत्म कर दिया गया था। लेकिन, एलएसी के विवादित क्षेत्रों में लोगों को जाने देने की इजाजत नहीं मिलती थी। जानकारी के मुताबिक इन इलाकों को पर्यटकों के लिए अप्रैल में ही खोल दिया जाना था, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ बदलावों की वजह से इसमें थोड़ी देर हो रही है।

    Ladakh

    लद्दाख प्रशासन कर चुका है तैयारी
    वैसे सेना मुख्यालय के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन को पर्यटकों को अनुमति देने से पहले इस इलाके में नागरिक सुविधाओं के अभाव पर ध्यान देना होगा। वैसे लद्दाख प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन इन क्षेत्रों में टॉयलेट, सेल्फी पॉइन्ट और मेडिकल सेंटर की योजना जनवरी से ही तैयार करके बैठा हुआ है।

    Ladakh

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'जिले के फंड से निर्माण के लिए सीमा सड़क संगठन को साथ लिया गया है। चेक पोस्ट बनाने के लिए पुलिस भी पहले से तैयार है।' केंद्र शासित प्रदेश के पर्यटन सचिव काचो मेहबूब अली खान इसी महीने हॉट स्प्रिंग्स से भी आगे गलवान घाटी और अन्य क्षेत्रों की भी यात्रा कर के लौटे हैं, ताकि सैलानियों के लिए खोलने से पहले वहां के हालात की जानकारी मिल सके। (तस्वीरें-फाइल)

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+