लद्दाख: 15वें दौर की बैठक में कई विवादित इलाकों पर चर्चा, गतिरोध दूर करने के लिए भारत ने रखा प्रस्ताव
नई दिल्ली, 12 मार्च: भारत और चीन के बीच पिछले दो साल से लद्दाख में विवाद की स्थिति बनी हुई है। इसके लिए शुक्रवार को 15वें दौर की कोर कमांडर लेवल की बैठक हुई। पूर्वी लद्दाख के चुशूल में 13 घंटे तक चली इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक भारतीय पक्ष ने अप्रैल-मई 2020 में शुरू हुए सैन्य गतिरोध को दूर करने के लिए एक प्रस्ताव पर जोर दिया।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक भारत और चीन ने गतिरोध को हल करने के लिए पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में एलएसी पर बातचीत की। अब तक हुई बातचीत की ही वजह से पैंगोंग झील, गलवान, गोगरा हॉट स्प्रिंग क्षेत्रों के उत्तर और दक्षिण में विवाद की स्थिति दूर हुई है। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष अब अन्य बचे हुए इलाकों में विवाद दूर करने के लिए बात कर रहे हैं। हाल ही में दोनों पक्षों के जो बयान लद्दाख को लेकर आए थे, वो काफी सकारात्मक प्रकृति के हैं।
एक अन्य रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पूर्वी लद्दाख में भारत ने अप्रैल 2022 के पहले वाली स्थिति करने की मांग की थी, जिसे मानने में चीन आनाकानी कर रहा है। इसके अलावा चीन ने सैन्य वापसी और सैन्य टकराव को खत्म करने के भी संकेत नहीं दिए। हालांकि भारत ने भी साफ कर दिया है कि जब तक चीनी सेना की वापसी नहीं हो जाती है, तब तक भारत भी अपने सैनिकों को पीछे नहीं बुलाएगा।
अरुणाचल पर भी है नजर
आपको बता दें लद्दाख के साथ अरुणाचल में भी चीन के साथ विवाद की स्थिति बनी हुई है। कुछ महीनों पहले चीन ने वहां के कई इलाकों के नाम अपनी भाषा में बदल दिए थे। साथ ही एक भारतीय लड़के का भी अपहरण किया था। हालांकि बाद में भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन पर दबाव डाला, जिस वजह से चीनी सैनिकों को उसे छोड़ना पड़ा था।












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