आपको भी जाननी चाहिए न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान ऋषि कपूर से जुड़ी ये 5 बातें, कभी नहीं होंगे निराश
नई दिल्ली। वर्ष 2020 बॉलीवुड के लिए अब तक का सबसे बुरा साल रहा है। अभी 6 महीने भी पूरे नहीं हुए कि भारतीय फिल्म जगत ने एक के बाद एक अपने दो सितारों को खो दिया। पहले एक्टर इरफान खान और आज (गुरुवार) ऋषि कपूर के निधन के बाद से बॉलीवुड ही नहीं पूरा देश सदमे में है। लीड रोल में अपनी पहली ही फिल्म से देश के युवाओं के दिलों में छा जाने वाले एक्टर ऋषि कपूर का निधन मुंबई के एच एन रिलायंस अस्पताल में हुआ, वह पिछले दो साल से कैंसर से पीड़ित थे। ऋषि कपूर के निधन की जानकारी अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर दी है।

ल्यूकेमिया नामक कैंसर से पीड़ित थे ऋषि कपूर
बता दें कि 29 अप्रैल को हिंदी सिनेमा ने एक्टर इरफान खान को खोया था और अब उनके निधन के 1 दिन बाद 30 अप्रैल को ऋषि कपूर अलविदा कह गए, जिसके बाद बॉलीवुड सदमे में है। ऋषि कपूर के परिवार के मुताबिक वह ल्यूकेमिया (एक तरह का रक्त कैंसर) से पीड़ित थे, साल 2018 में उन्हें इस बात का पता चला। ऋषि कपूर ने एक साल न्यूयॉर्क रहकर अपना इलाज कराया और नई उर्जा के साथ बॉलीवुड में वापसी करने को उत्साहित थे।

न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान ऋषि से जुड़ी पांच बातें
परिवार के बयान के अनुसार, इलाज के दौरान उन्हें घर की याद आ रही थे लेकिन फिर भी ऋषि का मजाकिया अंदाज जारी रहा ऋषि को याद करते हुए उनके परिवार वालों ने न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान अभिनेता से जुड़े पांच घटनाओं का जिक्र किया है जिससे पता चलता है कि कैंसर की लड़ाई के दौरान भी उनमें कभी सकारात्मकता की कमी नहीं आई।

1. न्यूयॉर्क जाने से पहले फैंस से कही थी ये बात
एक्टर ऋषि कपूर ने काफी लंबे सयम तक अपने कैंसर का खुलासा नहीं किया था, उन्होंने केवल इसे सुख-दुख का एक हिस्सा बताया था। न्यूयॉर्क के उड़ान भरने से पहले उन्होंने अपने फैंस के लिए लिखा, 'सभी को नमस्कार! मैं कुछ चिकित्सा उपचार के लिए अमेरिका जाने के लिए काम से अनुपस्थिति की एक छोटी छुट्टी ले रहा हूं। मैं अपने शुभचिंतकों से आग्रह करता हूं कि वे चिंता न करें या अनावश्यक रूप से अटकलें न लगाएं। आपके प्यार और शुभकामनाओं के साथ, मैं जल्द ही वापस आऊंगा।'

2. चक्की के आटे रोटियां मिस करते थे ऋषि
न्यूयॉर्क मे इलाज के दौरान उन्हें कई बार अपने घर की भी याद आती थी। इस दौरान उन्होंने इसे एक विस्तारित छुट्टी बताया था जहां उन्हें पना पसंदीदा भोजन नहीं मिल सकता था। उन्होंने कहा था कि मुझे पोमफ्रेट खाने की याद आती है; यह यहां उपलब्ध नहीं है मुझे मुलायम घर की बनी चपातियां भी याद आती हैं। आपको हर तरह की नान और रोटियाँ मिलती हैं, लेकिन चक्की के अट्टे से बनी मुलायम चपातियां कुछ और ही होती हैं!'

3. उपचार के लिए सकारात्मक बने रहना जरूरी
न्यूयॉर्क में अपने साल भर रहने के दौरान ऋषि ने कहा कि उन्होंने शहर के सभी मौसम को देख चुका हूं। ऋषि ने एक साक्षात्कार में बताया था, 'मैं घूमता हूं, खाता हूं, पीता हूं, खरीदारी करता हूं और फिल्में देखता हूं। इससे (नीतू) मुझे धैर्य मिला, वरना मैं इस जगह को छोड़कर बहुत पहले मुंबई आ गया होता। उपचार के लिए आपको एक निश्चित तरीके का व्यवहार करने की आवश्यकता होती है।

4. फिल्मों ने कैंसर का नाम खराब किया
ऋषि हमेशा सकारात्मक बने रहे और एक साल पहले उन्हें कैंसर मुक्त भी घोषित कर दिया गया। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, 'फिल्मो में हमनें बैकग्राउंड म्यूजिक डॉल, डूल के कैंसर का नाम इतना खराब किया है जबकि आज इसका इलाज है, लोग हर तरह के कैंसर से निपट रहे हैं, बस सकारात्मक होना चाहिए।'

5. कैंसर की बीमारी किडनी या दिल जैसी ही आम
ऋषि ने कैंसर की तुलना किडनी या दिल की समस्याओं जैसी नियमित बीमारी से की। खतरनाक स्टेज पर अपने कैंसर की लड़ाई के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया था कि 'लोगों में किडनी की समस्याएं हैं, उन्हें यकृत या हृदय रोग की समस्या है, मुझे मैरो की समस्या थी और मुझे इसे ठीक करवाना पड़ा, इसलिए इसमें कोई गंभीर मुद्दा नहीं है। बस दो उपचारों के बीच, एक लंबा अंतराल था और उस समय के दौरान, जैसा कि उसने (नीतू) कहा था, हम बस शहर के बाहर और आसपास गए थे।'
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