पंजाब: कृषि बिल के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, अमृतसर-दिल्ली हाईवे और रेल लाइन ब्लॉक
नई दिल्ली: मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में तीन कृषि बिल लेकर आई थी, जो काफी हंगामे के बाद दोनों सदनों में पास हो गए। बाद में राष्ट्रपति ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिए। जिसके बाद ये नया कानून पूरे देश में लागू हो गया। इस बिल के खिलाफ देशभर में किसानों का आंदोलन अभी भी जारी है। गुरुवार को पंजाब में किसान मजबूर संघर्ष समिति से जुड़े लोग सड़कों पर उतरे और जमकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा ओडिशा और तमिलनाडु में भी किसानों का प्रदर्शन जारी है।
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किसान मजदूर संघर्ष समिति ने गुरुवार को एक बार फिर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक वो अमृतसर-दिल्ली राजमार्ग ब्लॉक रखेंगे। संगठन के महासचिव सरवन सिंह के मुताबिक उन्होंने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए राजमार्ग को ब्लॉक किया। ये प्रदर्शन 46 जगहों पर हो रहा है। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को जाने दिया जाएगा। वहीं पंजाब के फिल्लौर में प्रदर्शनकारी किसानों ने रेलवे लाइन को ब्लॉक कर दिया। उन्होंने कहा कि सामान ले जाने वाली मालगाड़ियों को वो नहीं रोकेंगे, लेकिन यात्री ट्रेनों को वो नहीं जाने देंगे।
ओडिशा में भी प्रदर्शन
ओडिशा में नवनिर्माण कर्मक संगठन ने कृषि बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन के मुताबिक ओडिशा के भी किसान कृषि बिल के खिलाफ हैं, जिस वजह से उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने तूफान और बाढ़ से खराब हुई फसलों का मुआवजा बढ़ाने की भी मांग की। वहीं तमिलनाडु में ऑल इंडिया किसान संघर्ष को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। साथ ही मोदी सरकार से कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रही है।
विपक्ष किसानों के साथ
आपको बता दें कि जब से कृषि बिल संसद में पास हुआ है, तब से कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी खुद पंजाब-हरियाणा के किसान आंदोलन में शामिल हुए थे। इस बिल के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने एनडीए गठबंधन से अपना नाता तोड़ लिया है।












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