Farmers Protest: किसान नेताओं ने कहा- सरकार जिद छोड़े, जब तक कानून रद्द नहीं होंगे हम नहीं जाएंगे
नई दिल्ली। Farmers Protest: जनवरी की कड़ाके की ठंड में कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर आज भी किसानों का विरोध प्रदर्शन जस का तस जारी है। सोमवार यान 4 जनवरी को सरकार और किसान संगठनों के बीच एक बार फिर बैठक होगी। बैठक से पहले रविवार को किसान नेताओं ने प्रेस कॉन्फेंस कर सरकार से उनकी मांगों को मानने की अपील की है। इसके अलावा किसानों ने ऐलान किया कि 13 जनवरी, 2021 को कृषि कानूनों की कॉपियां जलाकर लोहड़ी का त्योहार मनाया जाएगा।
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सिंघू सीमा पर सरकार के साथ बैठक से ठीक पहले किसान नेता ओंकार सिंह ने कहा, 'आज 37 वां दिन है, सरकार को अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए। जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, हम वापस नहीं जाएंगे। यह निराशाजनक है कि किसान अपनी जान गंवा रहे हैं। कई किसान बहादुरी से ठंड का सामना कर रहे हैं, फिर भी सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।'
इस बीच भारतीय किसान यूनियन कादियां के प्रधान हरमीत सिंह ने ऐलान किया कि 13 जनवरी को किसान कृषि कानूनों की कॉपियां जलाकर लोहड़ी का त्योहार मनाएंगे। इसके अलावा 6 जनवरी से 20 जनवरी के बीच देशभर में किसानों के पक्ष मं धरना-प्रदर्शन, मार्च का आयोजित किए जाएंगे। कृषि कानूनों के विरोध में 23 जनवरी को आजाद हिन्द किसान दिवस मनाया जाएगा।
नहीं निकला हल तो बंद करेंगे मॉल और पेट्रोल पंप
बता दें कि इससे पहले 1 जनवरी यानी शुक्रवार को किसान संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अगर अगर 4 जनवरी को सरकार के साथ बैठक गतिरोध खत्म करने में विफल रही तो हम हरियाणा में सभी मॉल, पेट्रोल पंप बंद करने की तारीखों की घोषणा करेंगे। वहीं स्वराज इंडिया प्रमुख योगेन्द्र यादव ने कहा कि बैठक में हल नहीं निकला तो 6 तारीख को मार्च निकाला जाएगा।
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