Jet Airways के संस्थापक नरेश गोयल को बॉम्‍बे हाई कोर्ट से लगा झटका, इलाज के लिए विदेश क्‍यों नहीं जा पाएंगे?

Naresh Goyal, Jet Airways Founder: जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल की हालत खराब है लेकिन उन्‍हें मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए विदेश यात्रा का निर्णय फिलहाल टल गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोयल की लंदन यात्रा का विरोध करने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका का निस्तारण कर दिया है। हाईकोर्ट ने माना कि अब इस याचिका का कोई औचित्य नहीं बचा है क्योंकि यात्रा योजना ही स्थगित हो चुकी है।

गोयल की इस लंदन यात्रा के टलने के पीछे दो बड़े कानूनी और प्रशासनिक कारण सामने आए हैं। पहला कारण यह है कि विशेष अदालत द्वारा उन्हें विदेश जाने के लिए दी गई चार हफ्ते की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है। वहीं, दूसरा अहम कारण विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा उनके खिलाफ जारी किए गए लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) हैं।

Jet Airways founder Naresh Goyal

बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

बॉम्‍बे हाई कोर्ट के जस्टिस अश्विन भोभे की एकल पीठ के समक्ष इस मामले की विस्तृत सुनवाई की। सुनवाई के दौरान नरेश गोयल के कानूनी सलाहकारों ने अदालत को स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल फिलहाल देश से बाहर जाने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कुछ अनिवार्य कानूनी मंजूरियां न मिल पाने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकीलों ने अदालत में नरेश गोयल द्वारा पूर्व में दायर किए गए एक हलफनामे को प्रस्तुत किया। इस हलफनामे में उन सभी व्यावहारिक और कानूनी अड़चनों का विस्तार से विवरण दिया गया था जिनकी वजह से यात्रा पूरी नहीं हो सकी। इस नए इनपुट के बाद, अदालत ने माना कि ईडी का पुराना आवेदन प्रभावहीन हो गया है।

इस सुनवाई के दौरान ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने भी अदालत के तर्कों से असहमति नहीं जताई। उन्होंने अदालत में स्वीकार किया कि नरेश गोयल के इस हलफनामे के बाद जांच एजेंसी द्वारा दायर याचिका का कानूनी आधार समाप्त हो गया है। इसके बाद अदालत ने इस पूरे आवेदन को निरर्थक मानकर इसके क्लोजर का आदेश दिया।

गंभीर बीमारी के कारण विशेष अदालत ने दी थी अनुमति

ध्‍यान रहे कुछ समय पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की विशेष अदालत ने कैंसर से पीड़ित 77 वर्षीय नरेश गोयल को बड़ी राहत दी थी। विशेष कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण और स्वास्थ्य की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें अपने इलाज के लिए केवल चार हफ्तों की अवधि के लिए लंदन जाने की सशर्त मंजूरी प्रदान की थी।

विशेष अदालत द्वारा दी गई इस अनुमति के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने तुरंत बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ईडी ने अपने वकील आशीष मेहता के माध्यम से दायर की गई याचिका में दलील दी थी कि आरोपी के देश से बाहर जाने पर बैंक धोखाधड़ी मामले की चल रही जटिल जांच पर विपरीत असर पड़ सकता है।

नरेश गोयल को क्‍यों किया गया था अरेस्‍ट?

नरेश गोयल की मुश्किलें नवंबर 2023 में तब और बढ़ गई थीं, जब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें केनरा बैंक से जुड़े 538.62 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी पर आधारित है। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि जेट एयरवेज ने केनरा बैंक से ली गई कर्ज राशि का इस्तेमाल अनुचित कार्यों और अन्य उद्देश्यों के लिए किया था। हालांकि, बाद में उनके गिरते स्वास्थ्य और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की स्थिति को देखते हुए अदालत ने उन्हें मानवीय आधार पर चिकित्सकीय जमानत मंजूर की थी।

केनरा बैंक धोखाधड़ी का क्‍या है मामला?

यह पूरा मामला केनरा बैंक के 538.62 करोड़ रुपये के कर्ज के कथित हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शुरुआती प्राथमिकी के आधार पर ही जांच एजेंसी ईडी ने अपनी जांच आगे बढ़ाई थी। आरोप है कि जेट एयरवेज को व्यावसायिक उपयोग के लिए मिले धन को व्यक्तिगत उपयोग में लिया गया।

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि बैंकों से मिले इस भारी कर्ज की राशि को विभिन्न डमी कंपनियों और विदेशी संपत्तियों में ट्रांसफर किया गया। इसी वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों के चलते ही नरेश गोयल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए थे, जो किसी भी नागरिक को बिना पूर्व अनुमति के देश छोड़ने से रोकते हैं।

किसी दौर में भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र पर राज करने वाली जेट एयरवेज ने गंभीर वित्तीय संकट के कारण अप्रैल 2019 में अपनी उड़ाने पूरी तरह रोक दी थीं। इसके बाद कंपनी कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में चली गई। जेट एयरवेज के बंद होने के बाद से ही उसके प्रमोटर न्यायिक और वित्तीय जांच के घेरे में आ गए थे।

नरेश अग्रवाल का मुंबई में ही चलेगा इलाज

ताजा अदालती घटनाक्रम के बाद अब नरेश गोयल का मुंबई के ही एक निजी अस्पताल में इलाज जारी रहेगा। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा ईडी की याचिका का निपटारा किए जाने से फिलहाल इस कानूनी टकराव पर विराम लग गया है। जमानत की शर्तों के तहत नरेश गोयल अभी मुंबई में ही रहेंगे और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उपचार लाभ लेंगे। इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही उनके स्वास्थ्य और नई अदालती अर्जियों पर निर्भर करेगी।

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