कौन हैं किरण वालिया जो दे सकती हैं केजरीवाल को टक्कर?
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हालांकि किरण वालिया दिल्ली की सियासत में कोई बड़ा नाम तो नहीं है, पर वो लंबे समय तक दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन(डूटा) की लंबे समय तक राजनीति करती रही हैं। अब चर्चा है कि वह आगामी दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ। वो दिल्ली यूनिवर्सिटी के गार्गी कालेज में पढाती रही हैं। हां, वो कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में हमेशा एक्टिव रही।

डूटा के आंदोलन
राजधानी के पुराने पत्रकारों को याद होगा जब किरण वालिया शाम के वक्त लगातार अखबारों के दफ्तरों में डूटा के आंदोलनों से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति लेकर घूमती थीं।
बेहद सुसंस्कृत
बेहद सुसंस्कृत किरण वालिया अब आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को उनके गढ़ गोल मार्केट में टक्कर देने के लिए तैयार हैं। हालांकि उऩ्होंने बीता विधानसभा चुनाव मालवीय नगर से लड़ा था। वो चुनाव हार गई थी सौरभ भारद्वाज से जो आगे चलकर केजरीवाल की कैबिनेट में भी रहे।
प्रखर वक्ता
किरण वालिया बेहद प्रखर वक्ता हैं। उनका अंग्रेजी, हिन्दी और पंजाबी पर पूरा अधिकार है। वो पहली बार दिल्ली विधानसभा में 1999 में पहुंची थी जब वो एक उप चुनाव में विजयी रही थीं। उसके बाद वो 2003 और फिर 2008 में भी निर्वाचित हुईं।
उलट-फेर करने की कुव्वत
दिल्ली की राजनीति के पुराने जानकार और नामी क्रिकेट लेखक रवि चतुर्वेदी मानते हैं कि किरण वालिया में बड़ा उलट-फेर करने की क्षमता है। वो पंजाबी बिरादरी से ताल्लुक रखती हैं। गोल मार्केट से अगर वो चुनाव लडती हैं केजरीवाल के सामंने तो उऩ्हें पंजाबी मतदाताओं के अलावा औरतों के वोट मिल सकते हैं। वे औरतों के अधिकारों के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रही हैं। वो शीला दीक्षित की सरकार में मंत्री भी थीं।












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