खालिस्तान समर्थकों और अमृतपाल के साथियों ने असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा को दी धमकी, बोले- बीच में न पड़ें
अमृतपाल के साथियों ने कहा कि हमारी लड़ाई भारत सरकार और पीएम मोदी से है। असम सरकार इस बीच में न पड़ें।

Himanta Biswa Sarma: खालिस्तान समर्थक और अमृतपाल के साथियों ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को धमकी दी है। उन्होंने धमकी भरे संदेश में कहा कि हमारी लड़ाई भारत सरकार और पीएम मोदी से है। असम के मुख्यमंत्री इस बीच में न पड़ें। वे हिंसा के शिकार होने से बचें। बता दें कि गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन सिख फोर जस्टिस के समर्थकों ने उन्हें धमकी दी है। उन्होंने कहा कि आप हमारे बीच में न पड़ें। हमारी लड़ाई आपसे नहीं है।
बता दें कि खालिस्तान समर्थकों और अमृतपाल के साथियों को गिरफ्तार करके असम की जेल में रखा गया है। इसको लेकर खालिस्तान समर्थकों में गुस्सा व्याप्त हो गया है। इसके लिए उन्होंने असम के सीएम को धमकी देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल और खालिस्तान के मुद्दों से बिल्कुल दूर रहें। हम नहीं चाहते कि आप मेरे बीच में पड़ें। हमारी लड़ाई भारत सरकरा से है ना कि असम सरकार से। धमकी में ये भी कहा गया है कि असम की जेल में खालिस्तान समर्थकों को प्रताड़ित किया गया है।
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पन्नू ने कहा कि हम खालिस्तान जनमत संग्रह की एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय कब्जे से पंजाब की मुक्ति की मांग कर रहे हैं। यदि आपकी सरकार डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल के सहयोगियों को प्रताड़ित और परेशान कर रही है तो आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अमृतपाल सिंह और उनके संगठन 'वारिस पंजाब दे' के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई 18 मार्च को शुरू हुई थी, उसके कुछ हफ्ते बाद उन्होंने और उनके समर्थकों ने एक गिरफ्तार व्यक्ति की रिहाई के लिए अमृतसर के पास अजनाला पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया था। हालांकि, अमृतपाल सिंह जालंधर में कार्रवाई को चकमा देने में कामयाब रहा और पुलिस के अनुसार, कई बार अपना रूप बदलकर अलग-अलग वाहनों में भाग निकला।
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