केरल: पिनराई विजयन की सरकार के पक्ष में हुई वोटिंग, गिरा अविश्वास प्रस्ताव
नई दिल्ली। कोरोना काल के बीच केरल विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को राज्य की पिनराई विजयन की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस विधायक वीडी सतीशन द्वारा पेश किए गए अविश्ववास प्रस्ताव पर पूरे दिन चली बहस के बाद आखिरकार पिनराई विजयन की सरकार के पक्ष में वोटिंग हुई जिसके बाद विधानसभा में यह अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। इस बीच अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बोलने के समय विपक्षी विधायकों ने राज्य विधानसभा में जमकर हंगामा किया।

कांग्रेस नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथलाा ने चर्चा के दौरान कहा कि विपक्ष ने सोने की तस्करी के आरोपियों के साथ उनके कथित संबंधों का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव दिया है इसलिए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की अध्यक्षता नहीं करनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियमों के अनुसार यह नोटिस 14 दिन पहले दिया जाना चाहिए था इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। केरल में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिसके बाद विरोधी दल राज्य सरकार की नाकामियों के खिलाफ सोमवार को एक अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा में लेकर आया।
गौरतलब है कि केरल के नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथला ने कहा था कि, हम कोरोना वायरस के बहाने और पिछले 4 वर्षों के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण केरल के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसीलिए विधानसभा के 1 दिवसीय लंबे सत्र में अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। चेन्निथला ने कहा कि विजयन ने लाइफ मिशन प्रोजेक्ट के बारे में जो भी कहा है, वह पब्लिक डोमेन में है। विजयन ने कहा है कि यूएई-आधारित रेड क्रिसेंट और स्थानीय कंपनी यूनिटैक द्वारा निष्पादित जीवन मिशन की आवास परियोजना में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
यह भी पढ़ें: कोरोना संक्रमित केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक की जांच के लिए दिल्ली एम्स की टीम जाएगी गोवा, 10 दिन से हैं भर्ती












Click it and Unblock the Notifications