Kerala Co-op Bank: कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से CPM पर हेरफेर का गंभीर आरोप,ED की जांच में खुलासा
Kerala Co-op Bank: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल के करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक पर सीपीआई (एम) जिला समिति के सदस्यों के कहने पर बेनामी लोन बांटने का दावा किया है। इसके बदले कथित तौर पर पार्टी को लाभार्थियों से दान मिला। ईडी ने चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 10.98 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करते हुए यह दावा किया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Kerala Co-op Bank: ईडी ने लगाए मनी-लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप
कुर्क की गई संपत्तियों में केरल में जमीन और इमारतों सहित 24 संपत्तियां शामिल हैं, साथ ही बैंक में 50.53 लाख रुपये की जमा राशि भी शामिल है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जुलाई 2021 में त्रिशूर में केरल पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दर्ज कम से कम 16 एफआईआर से सामने आया है,जो बैंक में 150 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
ईडी का दावा है कि सोसायटी के सदस्यों की जानकारी के बिना एक ही संपत्ति पर कई बार फर्जी लोन मंजूर किए गए। एजेंसी के अनुसार, गैर-सदस्यों को संपत्ति के बढ़े हुए मूल्यांकन पर लोन दिए गए और लाभार्थियों द्वारा धन की हेराफेरी की गई और मनी-लॉन्ड्रिंग की गई।
Kerala Co-op Bank: ऋण वितरण प्रक्रिया में गड़बड़ी
ईडी का आरोप है कि सीपीआई (एम) जिला समिति के सदस्य बैंक के शासी निकाय को नियंत्रित करते थे और बेनामी ऋणों के वितरण का निर्देश देते थे। बदले में, सीपीआई (एम) को इस शासी निकाय के माध्यम से लोन लाभार्थियों से दान प्राप्त हुआ। एजेंसी ने यह भी पाया कि ऋण रकम कैश में वितरित की गई थी, जिससे बैंक के रिकॉर्ड में काफी नकदी जमा हुई।
अगस्त-सितंबर 2023 में इस मामले से संबंधित छापेमारी में चार गिरफ्तारियां हुईं और 117 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इन घटनाक्रमों के बावजूद, केरल में सत्ताधारी सीपीआई(एम) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कानूनी और राजनीतिक रूप से इनका मुकाबला करने की बात कही है। जांच में सहकारी बैंकों के भीतर वित्तीय कदाचार के बारे में गंभीर चिंताएं उजागर हुई हैं।












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