Karur Stampede: कौन हैं विजय के 3 सहयोगी, जिनपर 40 लोगों की मौत के बाद केस दर्ज?
Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय थलापति (Vijay Thalapathy) की चुनावी रैली के दौरान शनिवार (27 सितंबर 2025) को हुई भयानक भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। भीड़ के बेकाबू होने से कई लोग बेहोश हो गए, जिसके चलते अभिनेता से नेता बने विजय को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने करूर पहुंचकर पीड़ितों और घायलों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु के इतिहास में किसी राजनीतिक रैली में इतनी बड़ी त्रासदी पहले कभी नहीं हुई। यह दोबारा नहीं होनी चाहिए।' स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। साथ ही, एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने का ऐलान किया।

विजय के सहयोगियों पर केस क्यों?
पुलिस ने टीवीके के जिला सचिव मथियाझागन (Secretary Mathiyazhagan), महासचिव बुस्सी आनंद (General Secretary Bussy Anand) और संयुक्त महासचिव सीटी निर्मल कुमार (Joint General Secretary CT Nirmal Kumar) के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोपों में केस दर्ज किया है।
विजय का दुख और मुआवजा
विजय ने रविवार (28 सितंबर 2025) को सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए कहा, 'करूर की त्रासदी ने मुझे झकझोर दिया है। यह नुकसान अपूरणीय है।' उन्होंने मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। विजय ने अपनी पार्टी की ओर से हर संभव सहायता का वादा किया।
क्या हुआ उस दिन?
शनिवार (27 सितंबर) शाम को रैली में भारी भीड़ के दबाव में कई लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे, बेहोश होने लगे। विजय ने भाषण रोककर शांति की अपील की और एम्बुलेंस को रास्ता देने का अनुरोध किया। अनुमति पत्र में 10,000 लोगों की उम्मीद थी, लेकिन करीब 50,000 लोग जुटे थे। शाम साढ़े सात बजे से ही एम्बुलेंस के सायरन की आवाजें सुनाई देने लगी थीं।
जांच और सरकारी कार्रवाई
मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया पर इस घटना को 'चिंताजनक' बताया और अधिकारियों को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाया। स्टालिन ने त्रिची के मंत्री अंबिल महेश और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा। रविवार को स्टालिन ने करूर पहुंचकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
PM Modi ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'करूर की घटना अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'
यह रैली 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले विजय के राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा थी। अपने भाषण में विजय ने तमिलनाडु में अगले छह महीनों में सत्ता परिवर्तन की बात कही थी। घटना के बाद चेन्नई में विजय के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
करूर की इस त्रासदी ने न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है। जांच आयोग के निष्कर्ष और टीवीके नेताओं के खिलाफ दर्ज केस इस मामले में आगे की दिशा तय करेंगे।
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