Karnataka Election result 2023: BJP और कांग्रेस के लिए सबसे अच्छा और बुरा परिदृश्य?
Karnataka Election result 2023:कर्नाटक में चुनाव परिणाम आने के बाद कई तरह के सियासी परिदृश्य बन सकते हैं। अलग-अलग दलों के लिए भिन्न संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।

कर्नाटक पर आए तमाम एग्जिट पोल के नतीजे कांग्रेस को उस्ताहित कर रहे हैं, लेकिन भाजपा भी इतनी जल्दी हथियार डालने को तैयार नहीं है। जेडीएस भी खुद को रेस से पूरी तरह बाहर नहीं समझ रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प है कि वोटों की गिनती के बाद प्रदेश में किस तरह के राजनीतिक परिदृश्य बन सकते हैं।

बीजेपी के लिए सबसे अच्छी स्थिति क्या है?
अगर सत्ताधारी बीजेपी 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में 113+ का आंकड़ा पा लेती है या फिर भाजपा 105 से 110 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी भी बनकर उभरती है। ऐसे में उसके पास जेडीएस और निर्दलीय से समर्थन लेने में ज्यादा आसानी रहेगी।

बीजेपी के लिए सबसे बुरी स्थिति क्या है?
अगर पार्टी की सीटों का आंकड़ा 80 से कम रह जाता है और जेडीएस भी 25 से नीचे रह जाती है तो उसके तमाम सियासी सपने चकनाचूर हो सकते हैं।
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लेकिन, बीजेपी के लिए इससे भी बुरी यह होगी कि वह 75 सीटों तक भी न पहुंच पाए और जेडीएस को मैनेज करने में कांग्रेस सफल हो जाए।

कांग्रेस के लिए सबसे अच्छी स्थिति क्या है?
अगर कांग्रेस को 120 से ज्यादा सीटें मिलती हैं, जैसा कि कुछ एग्जिट पोल ने बताया है तो यह उसके लिए सबसे अच्छी स्थिति होगी। इसके साथ उसके लिए यह भी बेहतर स्थिति होगी कि भाजपा 80 से कम पर सिमट जाए। ऐसा होने पर दलबदल की आशंका कम हो जाएगी।
कांग्रेस अगर 105 से अधिक सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनती है और उसे जेडीएस से बिना शर्त समर्थन मिल जाता है तो उसकी तब भी बल्ले-बल्ले रहेगी। उसके लिए यह और अच्छा रहेगा कि भाजपा 70 से 75 सीटों तक अटक जाए।

कांग्रेस के लिए सबसे बुरी स्थिति क्या है?
कांग्रेस को तब सबसे बड़ा झटका लगेगा कि वह 95 सीटों तक पहुंच जाए, लेकिन भाजपा स्पष्ट बहुमत जुटाने में कामयाब हो जाए। यही नहीं, राज्य में कांग्रेस के स्पष्ट बहुमत से कुछ भी कम उसकी सरकार के स्थायित्व पर संकट की वजह बनाए रख सकता है।

जेडीएस के लिए सबसे अच्छी स्थिति क्या है?
अगर जेडीएस किसी तरह से 50 से ज्यादा सीटें लाने में कामयाब रहती है तो वह एक बार फिर से मुख्यमंत्री बद के लिए दावेदारी ठोक सकती है। ऐसे में कांग्रेस या बीजेपी को मजबूरन उसकी बात माननी पड़ सकती है।
अगर वह 35 सीटें भी ले आती है और बाकी दोनों प्रमुख दल जादुई आंकड़ा जुटाने से पिछड़ जाते हैं, तब भी वह किंगमेकर की भूमिका में रहेगी।

जेडीएस के लिए सबसे बुरी स्थिति क्या है?
अगर इस चुनाम में उसे इतनी कम सीटें मिलें कि दोनों में से किसी भी दल को उसके विधायकों की जरूरत ही नहीं रह जाए तो इससे पार्टी के भविष्य का संकट और गहरा सकता है।
अगर 25 से कम सीटें मिलती हैं तो बीजेपी और कांग्रेस की ओर से इसके अंदर दल-बदल कराने का खतरा हमेशा बना रहेगा।












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