कर्नाटक: धारवाड़ बिल्डिंग हादसे में 3 दिन बाद जिंदा निकाला गया शख्स, अब तक 14 की मौत
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बेंगलुरु। कर्नाटक के धारवाड़ में तीन दिन पहले एक निर्माणाधीन इमारत गिर गई थी जिसमें अब तक 14 लोगों को मौत हो चुकी है। वहीं, अभी भी कुछ लोगों से मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस हादसे में अब तक 56 लोगों की जान बचाई गई है। जबकि अभी भी 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। ये हादसा 19 मार्च (मंगलवार) को हुआ था। हादसे के तीन दिन बाद आज शुक्रवार की सुबह मलबे से एक व्यक्ति को बचावकर्मियों ने जिंदा बाहर निकाला है।

14 लोगों की हो चुकी है अब तक मौत
मौके पर मौजूद धारवाड़ डिप्टी कमिश्नर दीपा चोलन ने बताया, 'इस हादसे में कुल 14 लोगों की मौत हुई है। कल, हमने दो लोगों को बचाया। मलबे में तीन और लोग फंसे हुए हैं। हमने उन्हें ऑक्सीजन और ओआरएस दिया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं।' इस वक्त भी एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटी है।
कई और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
वहीं, इस हादसे के बारे में धारवाड़ पुलिस ने बताया कि दिव्या उनाकल (8), दक्षायिणी (45) और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति का शव बचाव अभियान के तीसरे दिन मलबे से निकाला गया। बचावकर्मियों को कम से कम 12 से 15 अन्य लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है क्योंकि मलबे के भीतर से आवाज आती सुनाई दे रही हैं। धारवाड़ में बिल्डिंग गिरने के मामले में इमारत के मालिकों, रवि बसवराज सबराड, बसवराज डी निगाडी, गंगप्पा एस शिनत्री, महाबलेश्वर पुरदागुडी और इंजीनियर विवेक पवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सभी 4 मालिकों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है जबकि इंजीनियर को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।
12 लोगों के लापता होने की खबर
बिल्डिंग गिरने के कुछ ही देर बाद राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी का बयान आया था, 'धारवाड़ में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने की घटना से शॉक्ड हूं, मैंने बचाव कार्य के लिए मुख्य सचिव को बचाव कार्य की निगरानी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ-साथ मैंने सीएस को विशेष उड़ान के जरिए अतिरिक्त संसाधन और विशेषज्ञ बचाव दल भेजने का भी निर्देश दिया है।' बता दें कि कर्नाटक में बिल्डिंग गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बंगलूरू के त्यागराज नगर क्षेत्र में गिर गई थी।












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