कांग्रेस की सिद्दारमैया सरकार का क्या होगा? घोटाले के आरोपों के बीच सीएम-डिप्टी सीएम दिल्ली तलब!
कर्नाटक में सिर्फ 14 महीने पुरानी कांग्रेस की सिद्दारमैया सरकार घोटाले के आरोपों को लेकर बीजेपी-जेडीएस के निशाने पर है। इसी दौरान राज्य के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पार्टी आला कमान से मुलाकात के लिए मंगलवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं।
माना जा रहा है कि कर्नाटक के सीएम और डिप्टी सीएम दिल्ली में राज्य की राजनीतिक स्थिति और घोटाले के आरोपों से निपटने की रणनीति को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।

कर्नाटक में सरकार की हालात को लेकर कांग्रेस में मंथन!
संभावना है कि दिल्ली में इन नेताओं को कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने के निर्देश दिए जा सकते हैं, साथ ही साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी कुछ फेरबदल की जा सकती है, जिसकी कमान अभी भी शिवकुमार के पास है।
वाल्मीकि घोटाले की जांच से सकते में सिद्दारमैया सरकार
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी चिंता महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में घोटाले को लेकर है। क्योंकि, प्रवर्तन निदेशालय (ED) निगम के अकाउंट से 84.63 करोड़ रुपए गैर-कानूनी तरीके से हैदराबाद में निजी खातों में ट्रांसफर किए जाने की जांच कर रहा है।
कांग्रेस को ईडी की जांच के दायरे में मुख्यमंत्री के आने की आशंका
इस मामले में कांग्रेस विधायक बी नागेंद्र का मंत्री पद पहले ही छिन चुका है और ईडी की गिरफ्तारी के बाद वे जेल में पड़े हैं। कांग्रेस को यह चिंता सता रही है कि कहीं ईडी की जांच आगे बढ़ने पर सीएम सिद्दारमैया उसके लपेटे में न आ जाएं! क्योंकि, उनके पास वित्त विभाग भी है और ऐसे में फंड की हेरफेर को लेकर उनसे सवाल पूछे जा सकते हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी साध चुकी हैं निशाना
रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी यह कहकर कर्नाटक सरकार को रक्षात्मक मोड पर ला दिया था कि जब आदिवासियों के कल्याण वाला पैसा गैर-कानूनी तरीके से ट्रांसफर किए जाने वाला घोटाला सामने आया तो राज्य सरकार ने बैंक अधिकारियों के खिलाफ पहले ही पुलिस को क्यों नहीं लगाया।
सीएम सिद्दारमैया के खिलाफ पदयात्रा निकालने जा रही है बीजेपी-जेडीएस
सिर्फ वाल्मीकि घोटाला ही नहीं है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के गृह जिले में मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी की जमीन के कथित घोटाले को लेकर भी वह विपक्षी बीजेपी के निशाने पर हैं। पार्टी आरोप लगा रही है कि यह करीब चार हजार करोड़ रुपए का घोटाला है, जिसमें सीएम का परिवार शामिल है। इन घोटालों के खिलाफ और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे की मांग को लेकर बीजेपी-जेडीएस 3 अगस्त से एक सप्ताह की पदयात्रा निकालने जा रही है।
लोकसभा में खराब प्रदर्शन से भी चिंतित है कांग्रेस
हाल में हुए लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीदों से बहुत खराब रहा। 28 सीटों में से पार्टी सत्ता में होने के बाद भी महज 9 सीटें जीत सकी, जबकि विपक्षी बीजेपी गठबंधन को 21 सीटें मिलीं। इससे पार्टी के अंदर भी यह चिंता बढ़ गई है कि विधानसभा चुनावों में इसके साथ जो जनाधार जुड़ा था, वह खिसक क्यों गया है।
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लगातार के विवादों और कांग्रेस की आपसी गुटबाजी की वजह से राज्य में आज विपक्ष काफी आक्रामक है और विधानसभा के अंदर और बाहर वह सरकार पर दबाव बनाए हुए है। ऐसे में राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय के चुनावों और विधानसभा की खाली सीटों पर उपचुनावों को लेकर भी कांग्रेस का डर बढ़ा हुआ है।
दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीएम और डिप्टी सीएम की पार्टी के दिग्गज नेता मधुसूदन मिस्त्री की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट पर भी मंथन की संभावना है। इस कमेटी को इसलिए कर्नाटक भेजा गया था ताकि पता लगाया जा सके कि कांग्रेस की पांच गारंटियों पर पिछले साल 52,000 करोड़ रुपए लुटाने के बाद भी लोकसभा चुनावों में बात क्यों नहीं बन पायी।












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