'हम तो आपके सामने ही हैं', BJP में जाने पर बोले चंपई सोरेन, क्यों हो रही है हेमंत से बगावत की चर्चा?
Champai Soren: झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव माहौल के बीच चर्चा है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मंत्री चंपई सोरेन भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। वहीं हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कुछ अन्य नेताओं के भी भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं।
खबर है कि चंपई सोरेन दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मिलने पहुंचे हुए हैं। पलटी मारने और हेमंत सोरेन से बगावत की चर्चाओं पर अब खुद चंपई सोरेन ने प्रतिक्रिया दी है। चंपई सोरेन से जब पूछा गया कि, क्या आप दिल्ली जा रहे हैं, भाजपा में शामिल होने की चर्चा है? इसपर मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, "आप लोग ऐसा सवाल कर रहे हैं पर, इस पर क्या बोलें, हम तो आपके सामने हैं।''

क्यों हो रही है हेमंत सोरेन से बगावत की चर्चा?
हेमंत सोरेन को जमानत मिलने के बाद चंपई सोरेन को अचानक मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था। इसके बाद हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका फिर से संभाल ली। इस बीच चंपई सोरेन को कैबिनेट में मंत्री बनाया गया।
चंपई सोरेन 2 फरवरी 2024 से 3 जुलाई 2024 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। हालांकि 28 जून 2024 को हेमंत सोरेन की रिहाई के बाद, उन्होंने चंपई सोरेन से नेतृत्व वापस ले लिया।
हेमंत सोरेन के सत्ता में वापस आने के बाद से ही चंपई सोरेन के असंतुष्ट होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। नेतृत्व में अचानक हुए इस बदलाव से राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अफवाहें और चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
नेतृत्व में अचानक आए इस बदलाव ने बहस छेड़ दी है और पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेमंत सोरेन के हाथों में सत्ता आने से न केवल राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है, बल्कि पार्टी के भीतर संभावित दरार को भी उजागर किया है।
जैसे-जैसे घटनाक्रम सामने आ रहा है, यह देखना बाकी है कि चंपई सोरेन अपनी नई भूमिका को किस तरह से निभाएंगे और झारखंड में भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

किन शर्तों में भाजपा में शामिल हो सकते हैं चंपई सोरेन?
चंपई सोरेन भाजपा में एक ही शर्त पर शामिल होंगे, अगर भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाती है। भाजपा में पहले से ही मुख्यमंत्री के अनेक दावेदार हैं। बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा इसके प्रबल दावेदार हैं।
चंपई सोरेन शिबू सोरेन के सबसे वफादार लोगों में से हैं। सोरेन परिवार से सालों से संबंध है, यही कारण था कि हेमंत ने कठिन परिस्थितियों में चंपई पर भरोसा जताया था। झामुमो में चंपई अभी नंबर 2 के नेता हैं, ऐसे में फिर अपनी लॉयल्टी गंवाकर वो भाजपा में 2 नबंर के ही नेता बनने के लिए तो नहीं जाएंगे।












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