Champai Soren ने दिए संकेत, 'सम्मान' मिला तो बीजेपी में जाने के खुले हैं विकल्प!
Champai Soren news in Hindi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत कर दी है। उन्होंने एक्स पर पहले अपने बायो से जेएमएम हटाया और फिर जो कुछ लिखा, उससे यही अटकलें लग रही हैं कि भाजपा से उनकी कहीं न कहीं बातचीत चल रही है।
चंपई सोरेन अभी दिल्ली में हैं। हालांकि, जानकारी के मुताबिक वह इसे निजी दौरा बता रहे हैं। लेकिन, खबरों के मुताबिक दिल्ली पहुंचने से पहले उनकी असम के मुख्यमंत्री और झारखंड में भाजपा के सह-चुनाव प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा से भी मुलाकात हो चुकी है। यही नहीं उनकी पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ भी चर्चा होने की अटकलें हैं।

अपने साथ 'अपमान' से आहत हैं चंपई सोरेन
दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर जो लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है, उससे यह बात साफ जाहिर हो चुका है कि वह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) से मुक्ति पाने के लिए निकल पड़े हैं। हालांकि, उन्होंने अपना अगला ठिकाना तो स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन उन्होंने जिन तीन विकल्पों की बात की है, उसमें भाजपा के भी होने की संभावना बड़ी है।
अपने एक भावुक पोस्ट में उन्होंने बिना नाम लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है। उन्होंने उनके मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए 3 जुलाई को उनके सरकारी कार्यक्रमों को रद्द किए जाने को लेकर लिखा है, "क्या लोकतंत्र में इससे अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे?"
हेमंत सोरेन से हुई चंपई सोरेन को 'तकलीफ'!
उन्होंने एक जगह जो लाइन लिखी है, उससे और साफ हो जाता है कि उन्हें सीएम हेमंत सोरेन के रवैए से तकलीफ हुई है और उन्हीं की वजह से उन्हें 'अपमान का घूंट' पीना पड़ा है। पार्टी में अपनी तकलीफ नहीं रख पाने की स्थिति पर उन्होंने कहा है, "इस पार्टी में मेरी गिनती वरिष्ठ सदस्यों में होती है, बाकी लोग जूनियर हैं, और मुझ से सीनियर सुप्रीमो जो हैं, वे अब स्वास्थ्य की वजह से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, फिर मेरे पास क्या विकल्प था? अगर वे सक्रिय होते, तो शायद अलग हालात होते।"
मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं- चंपई सोरेन
भ्रष्टाचार के मामले में हेमंत सोरेन की जेल से रिहाई के बाद उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा लिए जाने को लेकर उन्होंने कहा, "इसमें मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला, राजनीति से संन्यास लेना, दूसरा, अपना अलग संगठन खड़ा करना और तीसरा, इस राह में अगर कोई साथी मिले, तो उसके साथ आगे का सफर तय करना। उस दिन से लेकर आज तक, तथा आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों तक, इस सफर में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।"
चंपई सोरेने के पास क्या हैं विकल्प?
अब सवाल है कि चंपई सोरेन के लिए आगे का विकल्प क्या हो सकता है? पार्टी के सुप्रीमो पर सीधे हमला बोलने के बाद यहां उनकी फिलहाल बने रहना मुश्किल है। राजनीति से संन्यास लेना होता तो वही समय ज्यादा अच्छा होता, जब इस्तीफा देने को कहा गया था। क्योंकि, इससे एक अलग छवि बन सकती थी।
अलग संगठन बनाने का विकल्प अभी भी उनके पास है, लेकिन विधानसभा चुनाव नवंबर में होने की संभावना है और इसमें नई पार्टी के लिए चुनाव मैदान में उतरना बहुत आसान नहीं रहने वाला।
चंपई सोरेन को भाजपा में कैसे मिल सकता है 'सम्मान'?
तीसरा विकल्प नए साथी के रूप में बीजेपी का कमल पकड़ना हो सकता है। क्योंकि, बीजेपी के लिए प्रदेश में जेएमएम ही असली चुनौती है और वह जितनी कमजोर होगी, पार्टी की चुनावी स्थिति उतनी ही मजबूत होगी।
इसके लिए भाजपा उन्हें कोई 'सम्मानजनक' ऑफर दे सकती है। मुख्यमंत्री पद ना सही, झारखंड विधानसभा चुनावों में सरकार बनाने लायक परिणाम आने के बाद किसी राजभवन की शोभा बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। एक टीवी चैनल से बातचीत में हेमंत सोरेन भी भाजपा पर पैसे के दम पर उनकी पार्टी में फूट डाने का आरोप लगा चुके हैं।
क्योंकि, झारखंड में अभी दो ही गठबंधनों का दबदबा है,एनडीए और महागठबंधन। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) उसकी सहयोगी है। लोकसभा चुनावों में भी उसे बहुमत के लिए आवश्यक सीटों से कहीं ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त मिल चुकी है। इसलिए चंपई सोरेन के लिए भाजपा एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
जहां तक सत्ताधारी गठबंधन की बात है तो इसकी अगुवाई जेएमएम के पास है, जिसमें कांग्रेस और आरजेडी शामिल हैं। इस वजह से चंपई सोरेन का कांग्रेस में जाने की गुंजाइश नहीं के बराबर है।












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