लेख पर जयंत सिन्हा ने दी सफाई, कहा- मैंने किसी के दबाव में नहीं लिखा
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने उन सभी खबरों को खारिज किया है जिसमें यह कहा जा रहा था कि उन्होंने किसी के दबाव में आकर पिता यशवंत सिन्हा के खिलाफ लेख लिखा। बता दें कि इससे पहले खबरें आ रही थीं जयंत सिन्हा ने यह लेख किसी के दबाव में लिखा था। एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से उनका दिमाग था। उन्होंने ऐसे सभी आरोपों को खारिज किया। जिसमें यह कहा गया है कि उनसे यह आलेख लिखने के लिए कहा गया था। वो यह आलेख लिखना चाहते थे।' जयंत ने टीवी चैनल से यह भी कहा कि यह अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में गंभीर चर्चा है और इसे निजी तौर पर नहीं देखा जाए।

जयंत ने लिखा था...
बता दें कि जयंत ने अंग्रेजी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया में 'New Economy For New India' शीर्षक से प्रकाशित लेख में कहा था है कि हाल ही में भारतीय अर्थव्यवस्था जिन चुनौतियों का सामना कर रही है उस पर कुछ लेख लिखे गए। दुर्भाग्यवश इन लेखों में तथ्यों की संकीर्णता है और आसानी से संरचनात्मक सुधारों को अनदेखा किया जा रहा है जो अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं। सिन्हा ने लिखा था कि इसके अलावा, एक या दो क्वार्टर के जीडीपी विकास और अन्य मैक्रो डेटा ढांचागत सुधारों के दीर्घकालिक प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए काफी अपर्याप्त हैं।
डिजिटल भुगतान से लाभ
सिन्हा ने लेख में लिखा है कि GST, नोटबंदी और डिजिटल भुगतान के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था को औपचारिक रूप देने के बड़े प्रयास हैं। टैक्स नेट के बाहर हो रहे लेनदेन और अनौपचारिक क्षेत्र में लेनदेन को अब औपचारिक क्षेत्र में लाया जा रहा है।
लेख में सिन्हा ने लिखा था कि दीर्घावधि में, औपचारिकरण का मतलब होगा (क) कर संग्रहण ऊपर जाएगा और राज्य के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे; (ख) अर्थव्यवस्था में टकराव कम होगा और जीडीपी बढ़ेगी; और (ग) नागरिक ऋण को अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने में सक्षम होंगे क्योंकि लेनदेन रिकॉर्ड डिजिटल होगा।












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