MP News: ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से मिले सीएम मोहन यादव, उपार्जन केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शाजापुर और खरगोन के उपार्जन केंद्रों का अचानक निरीक्षण किया, व्यक्तिगत रूप से गेहूं की तौल, किसानों के लिए सुविधाओं और खरीद प्रक्रियाओं का आकलन किया। खरीद को सुचारू बनाने के लिए छह तौल कांटे, पर्याप्त छाया, पानी और आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश निदेशकों को दिए गए।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav का गुरुवार को अनोखा और जमीनी अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने शाजापुर और खरगोन जिले के उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि किसानों के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद भी किया।

शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयरहाउस में मुख्यमंत्री ट्रॉली पर चढ़ गए और वहीं से किसानों से बातचीत की। उन्होंने मौके पर गेहूं की तौल भी करवाई और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को समझा। मुख्यमंत्री का यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री अचानक खरगोन जिले के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने खरीदी प्रक्रिया, व्यवस्थाओं और सुविधाओं का निरीक्षण किया। किसानों से चर्चा कर उन्होंने फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्य सरकार द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, बैठने की व्यवस्था और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेचने की सुविधा दी गई है। गेहूं की तौल में देरी न हो, इसके लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है और आवश्यकता अनुसार इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने खरगोन में कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर छह तौल कांटे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और गेहूं खरीदी के नए मापदंड तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं। उन्होंने किसानों के लिए पर्याप्त छाया, शीतल पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हर अन्नदाता को सम्मान और सुविधा के साथ उसकी उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन प्रक्रिया में आने वाली किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और ऑपरेटर जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं केंद्रों पर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि तौल प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके। मुख्यमंत्री ने केंद्रों पर पेयजल, टेंट और बैठने जैसी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और जरूरत के अनुसार सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए।












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