Jabalpur Cruise Tragedy: बरगी डैम में 30 पर्यटक सवार क्रूज डूबा-4 शव बरामद, कई लापता, 24 घंटे में 2 बड़े हादसे
Jabalpur Cruise Tragedy: मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार (30 अप्रैल) शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। बरगी डैम के खमरिया टापू के पास पर्यटकों से भरा क्रूज अचानक तेज तूफान में संतुलन खो बैठा और डूब गया। क्रूज में 30 से ज्यादा पर्यटक सवार थे। हादसे के बाद 15 लोग तैरकर किनारे पहुंच गए, लेकिन अब तक 4 शव बरामद हो चुके हैं और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है, जबकि गोताखोरों की मदद से लापता पर्यटकों की तलाश जारी है।
यह त्रासदी ठीक उस वक्त हुई जब बरगी डैम पर्यटकों से गुलजार था। नर्मदा नदी पर बने इस विशाल जलाशय को मध्य प्रदेश का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट माना जाता है। यहां स्पीड बोट, हाउसबोट और क्रूज की सैर रोज सैकड़ों पर्यटक करते हैं। लेकिन गुरुवार शाम अचानक आए तेज हवा-तूफान ने सब कुछ बदल दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्रूज खमरिया टापू के पास पहुंचा ही था कि तेज लहरों और हवा ने उसे हिला दिया। क्षणभर में नाव पलट गई और पानी में समा गई।

Bargi Dam Accident: पर्यटन का हब, लेकिन सुरक्षा की बड़ी खामी
बरगी डैम नर्मदा नदी पर बने भारत के सबसे बड़े बांधों में से एक है। 1980 के दशक में शुरू और 1990 के दशक में पूरा हुआ यह बांध सिंचाई, बिजली उत्पादन और अब पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुका है। जबलपुर से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित इस जगह पर पर्यटक न सिर्फ बोटिंग करते हैं, बल्कि पिकनिक मनाते हैं, बर्ड वॉचिंग करते हैं और हाउसबोट पर रात बिताते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर साल लाखों पर्यटक यहां आते हैं।
लेकिन हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पर्यटक नावों पर सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है? क्या मौसम की चेतावनी समय पर जारी की जाती है? क्या नावों की क्षमता से ज्यादा सवारियां चढ़ाई जा रही हैं? आपको बता दें कि बरगी जैसे बड़े जलाशयों में अचानक तूफान और तेज हवा आम है, खासकर अप्रैल-मई में जब गर्मी बढ़ती है। कई बार नाव संचालक चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं।
एसडीआरएफ, पुलिस और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की टीम मौके पर पहुंच गई है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर परिवारों से संपर्क करने की अपील की है। अभी तक 4 शव निकाले गए हैं, जबकि कई लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। घायलों को जबलपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने हादसे पर दुख जताते हुए तुरंत रिपोर्ट मांगी है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
MP में 24 घंटे में दूसरा बड़ा हादसा: धार में वैन-SUV टक्कर, 16 मजदूरों की मौत
जबलपुर के क्रूज हादसे से पहले ही मध्य प्रदेश में एक और दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। बुधवार (29 अप्रैल) रात इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर धार जिले के चिकलीया क्रॉसिंग के पास मजदूरों से भरी पिक-अप वैन अनियंत्रित होकर पलट गई और विपरीत दिशा से आ रही SUV से टकरा गई। शुरुआत में 12 मौतों की खबर थी, लेकिन गुरुवार यानी 30 अप्रैल की सुबह तक मौत का आंकड़ा 16 हो गया। ज्यादातर मृतक महिलाएं और बच्चे थे।
क्यों हो रहे हैं ऐसे हादसे? MP में सुरक्षा की चिंताजनक तस्वीर
मध्य प्रदेश में कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो बड़े हादसे ने राज्य की पर्यटन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। बरगी डैम का क्रूज हादसा पर्यटन क्षेत्र की लापरवाही को उजागर करता है, जबकि धार का सड़क हादसा ओवरलोडिंग और हाईवे पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को।
हादसों को दावत दे रहीं ये खामियां?
भारत में हर साल सड़क हादसों में हजारों मौतें होती हैं। मध्य प्रदेश भी इस लिस्ट में पीछे नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां पिक-अप वैन जैसी गाड़ियों में मजदूरों को लादकर ले जाने की प्रथा आम है। छोटी-छोटी गाड़ियां 40-50 लोगों को ठूंसकर चलाई जाती हैं। मौसम की अनदेखी, ड्राइवर की थकान और खराब सड़कें हादसों को न्योता देती हैं।
बरगी डैम की बात करें तो यहां पर्यटन बढ़ा है, लेकिन नावों के रजिस्ट्रेशन, क्षमता चेक और मौसम अलर्ट सिस्टम पर सख्ती की जरूरत है। नर्मदा घाटी में अचानक मौसम बदलना आम बात है। कई बार पर्यटक बोट ऑपरेटर चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं।












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