जम्मू कश्मीर: श्रीनगर के डिप्टी मेयर ने लोगों से नाम में 'मुजाहिद' जोड़ने को कहा, पीएम मोदी का दिया उदाहरण
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के डिप्टी मेयर ने कश्मीर के लोगों से अपील की है कि वे अपने नाम के आगे 'मुजाहिद' जोड़ने की अपील की है। श्रीनगर के डिप्टी मेयर शेख मोहम्मद इमरान के बयान से विवाद हो सकता है क्योंकि उनका बयान ऐसे समय आया है जब लोकसभा चुनावों का आगाज हो चुका है। इमरान के मुताबिक अगर लोग अपने नाम के आगे मुजाहिद लगाते हैं तो फिर इससे एक कड़ा संदेश जाएगा। जो ताकतें सांप्रदायिकता को बढ़ावा देकर चुनाव लड़ रही हैं उन्हें हार मिलेगी। इसके अलावा जो लोग यह समझते हैं कि मुजाहिद श्ब्द सिर्फ आतंकवाद से जुड़ा है, उन्हें भी एक सबक मिलेगा।

बताया क्या होता है मुजाहिद का मतलब
इमरान ने इस पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'मुजाहिद शब्द का मतलब होता है, वह इंसान जो जेहाद यानी एक पावन युद्ध में लगा है या फिर ऐसा इंसान जो बुरी ताकतों के खिलाफ लड़ रहा है और सच का साथ देता है। हर मुसलमान को मुजाहिद होना चाहिए और इस शब्द को नाम के आगे जोड़ने से कोई नुकसान नहीं है। जेहाद दुश्मन के खिलाफ एक धार्मिक लड़ाई है। इसकी वजह से मीडिया का एक वर्ग हमारे धर्म के खिलाफ गलत बातें फैलाने में लगा हुआ है।' उनका कहना है कि मुजाहिद शब्द को हमेशा से नकारात्मक तरीके से ही मीडिया ने पेश किया है।

पीएम मोदी ने अपने नाम के आगे लगाया चौकीदार
इमरान ने आगे कहा, 'मैं मुजाहिद शब्द को हर उस जगह प्रयोग करुंगा जहां पर मेरे नाम का प्रयोग होगा। हम आतंकवादी नहीं है। मुजाहिद शब्द किसी भी तरह से आतंकवाद से नहीं जुड़ा है।' उन्होंने कुछ बीजेपी नेताओं का भी उदाहरण दिया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं जिन्होने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर चौकीदार लगाया है। इमरान ने कहा कि वह इसके खिलाफ नहीं हैं और वह लोगों से अपील कर सकते हैं कि वह अपने नाम के आगे मुजाहिद शब्द का प्रयोग करें।

ट्विटर से लेकर फेसबुक पर बदलेंगे नाम
इमरान ने आगे कहा कि वह अपने ट्विटर हैंडल से लेकर फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने नाम के आगे मुजाहिद शब्द को जोड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीरियों से अपील की है कि वे उन्हें फॉलो करें। इमरान के मुताबिक अगर कश्मीर के लोग ऐसा करते हैं तो फिर यह चुनावों में सांप्रदायिकता के नाम पर नफरत फैलानों के लिए एक कड़ा संदेश होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर कश्मीरी शांति चाहता है लेकिन युवाओं के बलिदान पर शांति किसी को मंजूर नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications