जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा देने के बाद आखिरकर तोड़ी चुप्पी, क्या बोले, किससे मिले? सामने आई अंदर की कहानी
Jagdeep Dhankhar News: नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में 12 सितंबर 2025 को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने कई नेताओं और सांसदों को हैरान कर दिया। मौका था नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण का, लेकिन सुर्खियों में आ गए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। 21 जुलाई 2025 को इस्तीफा देने के बाद करीब दो महीने तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहने के बाद धनखड़ पहली बार लोगों के बीच नजर आए। और जब आए, तो पूरे समारोह के "शो-स्टीलर" बन गए।
जगदीप धनखड़ ने चुप्पी तोड़ी, सबको किया सरप्राइज
21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद से जगदीप धनखड़ को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया था। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था कि आखिर उन्होंने अचानक पद क्यों छोड़ा और वह कहां हैं। लेकिन 12 सितंबर को जब वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे, तो सबसे पहले उनके चेहरे की मुस्कान और सहज अंदाज ने सभी का ध्यान खींचा।

धनखड़ न सिर्फ कार्यक्रम में आए, बल्कि उन्होंने अपने पूर्ववर्ती एम. वेंकैया नायडू से लंबी बातचीत की। बगल में बैठे हामिद अंसारी से भी उनकी मुलाकात हुई। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कार्यक्रम में मौजूद एक सांसद ने कहा- "वह (धनखड़) काफी हंसमुख और सहज मूड में थे। हमें लगा कि शायद वे आएंगे ही नहीं, लेकिन उन्होंने अपनी मौजूदगी से सभी को चौंका दिया।"
जगदीप धनखड़ ने किया "सबसे मिलेंगे" का वादा
जगदीप धनखड़ की पत्नी सुदेश धनखड़ भी उनके साथ मौजूद थीं। कई सांसद उनके पास जाकर मिले और हालचाल पूछा। बताया जाता है कि उन्होंने सभी से एक ही बात दोहराई- "हम मिलेंगे। हम बाद में मिलेंगे।" इतना ही नहीं, उन्होंने अपने स्टाफ से कहकर उन सांसदों के नाम भी नोट करवाए जो उनसे मिलने की इच्छा जता रहे थे।
एक सांसद ने बताया- "उनके अंदाज में बिल्कुल भी असहजता नहीं थी। जैसे कुछ हुआ ही न हो। उल्टे वे पहले से ज्यादा एनर्जेटिक और स्वस्थ दिख रहे थे।"

जगदीप धनखड़ हाई-टी में भी रहे मौजूद
आम तौर पर बड़े नेता ऐसे कार्यक्रमों के बाद जल्दी निकल जाते हैं, लेकिन जगदीप धनखड़ ने सभी को चौंकाते हुए शपथ समारोह के बाद हुई परंपरागत हाई-टी में भी हिस्सा लिया। विपक्षी सांसद ने कहा- "हमें उम्मीद थी कि वह सीधा निकल जाएंगे, लेकिन वे चाय पर भी रुके और सबसे घुलमिलकर बात की। उनकी मौजूदगी से माहौल हल्का-फुल्का हो गया। हमें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि वे आएंगे।"
राजनीतिक सवाल और बैठने की बहस
हालांकि समारोह के दौरान एक और बहस छिड़ गई। विपक्षी सांसदों ने सीटिंग अरेंजमेंट पर सवाल उठाए। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया पर लिखा- "क्या यह पहली बार हुआ कि प्रधानमंत्री के आगमन पर 'लेडीज एंड जेंटलमैन, द प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया' की घोषणा हुई? ऐसा तो परंपरा में सिर्फ राष्ट्रपति के लिए होता आया है।"
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को दूसरी पंक्ति में बैठाया गया। जबकि कुछ वरिष्ठ सांसद पांचवीं पंक्ति में बैठे दिखे। इससे भी विपक्षी खेमे में नाराजगी देखने को मिली।

नए घर में सबसे मिलेंगे जगदीप धनखड़!
जगदीप धनखड़ इन दिनों अस्थायी तौर पर अभय सिंह चौटाला के फार्महाउस में रह रहे हैं। उपराष्ट्रपति का आधिकारिक बंगला खाली करने के बाद वे यहां शिफ्ट हुए हैं। जल्द ही उनका नया आवास तैयार होगा। सांसदों से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वहां शिफ्ट होने के बाद वह मुलाकात का सिलसिला शुरू करेंगे।
क्यों बने जगदीप धनखड़ चर्चा का केंद्र?
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं का कहना था कि धनखड़ की मौजूदगी अप्रत्याशित थी। उनकी अचानक मौजूदगी और सहज रवैये ने उन्हें "शो-स्टीलर" बना दिया। कई केंद्रीय मंत्री भी उनसे मिलने पहुंचे। एक सांसद ने कहा- "वह न सिर्फ मौजूद थे, बल्कि उन्होंने जिस तरह मुस्कुराकर सबका अभिवादन किया, उसने पूरे माहौल को बदल दिया।"

विपक्ष के तंज और सत्ता पक्ष की चुप्पी
हालांकि विपक्ष ने उनके इस्तीफे को लेकर जो सवाल उठाए थे, उन पर धनखड़ ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जल्द ही वह सभी से मुलाकात करेंगे। सत्ता पक्ष की ओर से भी इस पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई।
जगदीप धनखड़ का यह सार्वजनिक आगमन सिर्फ एक शपथ समारोह तक सीमित नहीं रहा। यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया विषय बन गया। जहां एक ओर उनकी सहजता और आत्मविश्वास ने सभी को चौंकाया, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर उठे सवालों ने विपक्ष को नया मुद्दा दे दिया। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि धनखड़ अपने नए आवास में कब और कैसे सांसदों से औपचारिक मुलाकात शुरू करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications