Jagannath Rath Yatra: सूर्यास्त होते ही रुकी यात्रा, सुबह 9 बजे फिर से खींचे जाएंगे रथ, तस्वीरों में देखिए

Jagannath Rath Yatra 2024: जगन्नाथ रथ यात्रा का पहला दिन पूरा हो गया है। इस दौरान भगवान के भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। रविवार को सूर्यास्त के साथ तीनों रथ रुक गए हैं। अब सोमवार सुबह 9 बजे से विधिवत पूजा पाठ के बाद फिर से रथ यात्रा शुरू की जाएगी।

सूर्यास्त होते ही रविवार को जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ रुक गए हैं। अब रात की पूजा और सोमवार सुबह की पूजा रथों पर ही होगी। कल यानी सोमवार को सुबह नियमित पूजा-पाठ किया जाएगा। उसके बाद करीब 9 बजे से फिर से रथयात्रा निकलेगी।

Jagannath Rath Yatra

पहले दिन की रथ यात्रा की शुरुआत के मौके पर सबसे पहले बलभद्र का रथ खींचा गया। इसके बाद सुभद्रा और जगन्नाथ जी का रथ खींचा गया।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में सबसे आगे ताल ध्वज होता जिस पर श्री बलराम होते हैं, उसके पीछे पद्म ध्वज होता है जिस पर सुभद्रा और सुदर्शन चक्र होते हैं और सबसे अंत में गरूण ध्वज पर भगवान जगन्नाथ जी विराजमान होते हैं। ये रथ सबसे पीछ चलता है।

पद्म पुराण के मुताबिक, भगवान जगन्नाथ की मुख्य लीला भूमि ओडिशा की पुरी है। पुरी को पुरुषोत्तम पुरी भी कहा जाता है। राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक स्वयं श्री जगन्नाथ जी हैं। यानी राधा-कृष्ण को मिलाकर उनका स्वरूप बना है और कृष्ण भी उनके एक अंश हैं। ओडिशा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पर लकड़ियों की अर्धनिर्मित मूर्तियां स्थापित हैं। इन मूर्तियों का निर्माण महाराजा इंद्रद्युम्न ने करवाया था।

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