यासीन मलिक को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की केस ट्रांसफर की याचिका
नई दिल्ली। आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद देने के आरोप में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) की उस अर्जी को जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने उपर चल रहे टाडा मामलों की सुनवाई श्रीनगर शिफ्ट करने की मांग की थी। जस्टिस संजय गुप्ता ने यासीन मलिक की अर्जी को खारिज कर दिया। अब इस केस की सुनवाई दिल्ली की सीबीआई कोर्ट में होगी।

दरअसल यासीन मलिक ने 30 साल पुराने किडनैपिंग एंड मर्डर केस की सुनवाई श्रीनगर में ट्रांसफर करने की अर्जी दी थी। जिसे जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने से मना कर दिया। अब इस केस की सुनवाई दिल्ली की ही सीबीआई कोर्ट में चलेगी। हालांकि अगली सुनवाई की तारीख अभी कोर्ट की ओर से तय नहीं की गई है। सीबीआई ने यासीन मलिक के खिलाफ मर्डर, किडनैपिंग और आतंकियों को वित्तीय मदद जैसे कई मामलों में गिरफ्तार किया है।
यासीन के उपर मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के 1989 में हुए अपहरण और 1990 में वायुसेना के चार कर्मियों की हत्या जैसे कई दर्ज मामले दर्ज हैं। बता दें कि, हाईकोर्ट ने इससे पहले वायु सेना के अधिकारी की हत्या से जुड़े मामले को श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित करने के आदेश दिए थे। एनआईए ने यासीन को उनके घर से 22 फरवरी को गिरफ्तार किया था और तभी से वह तिहाड़ जेल की स्पेशल सेल में बंद हैं।
वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर में यासीन मलिक की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं। पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि, यासीन मलिक सचमुच बीमार हैं और ऐसे में उन्हें जल्द रिहा कर देना चााहिए। जमात-ए-इस्लामी के अन्य सदस्यों को भी रिहा करना चाहिए। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी यासीन की रिहाई की मांग की है।
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