IRNSS-1E की सफल लॉन्चिंग, भारत का मिलेगा अपना GPS

श्रीहरिकोटा| आज भारत के वैज्ञानिकों ने विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम बढ़ाया है क्योंकि आज पांचवां नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई सफलता पूर्वक लांच हो गया। आपको बता दें कि यह इस साल का लांच हुआ भारत का पहला रॉकेट है।

पांचवां नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई लांच

बुधवार सुबह 9:31 मिनट पर इस रॉकेट की सफल लांचिंग हुई। लांचिग के तुरंत बाद 44.4 मीटर ऊंचे और 320 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट ने 19 मिनट बाद ही खुद को आईआरएनएसएस-1ई से अलग कर लिया और इसे कक्षा में स्थापित किया।

क्या होगा फायदा

  • अब IRNSS-1E की मदद से हमारे देश के लोगों को अब जगह की सटीक जानकारी मिल पायेगी। अमेरिका आधारित जीपीएस जैसी क्षमता हासिल करने की दिशा में एक सफल कदम है।
  • आईआरएनएसएस-1ई आईआरएनएसएस अंतरिक्ष प्रणाली का पांचवा दिशासूचक उपग्रह है।
  • इस प्रणाली के तहत कुल सात उपग्रह हैं और इन सभी का प्रक्षेपण हो जाने के बाद यह प्रणाली अमेरिका आधारित जीपीएस के बराबर हो जायेगा।
  • इसकी कामयाबी के साथ ही भारत का अपना न केवल उपग्रहों का जाल तैयार हो जाएगा बल्कि देश के पास अपना जीपीएस शुरू हो जाएगा।

पीएम मोदी ने दी बधाई

आज IRNSS-1E के सफल लांचिग पर पीएम मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

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