प्रेरणादायक: शादी के दिन बेटी की स्‍टेज पर ही हो गई मौत, मां-बाप ने अंग दान कर पेश की मिसाल

प्रेरणादायक: शादी के दिन बेटी की हो स्‍टेज पर हो गई मौत, मां-बाप ने अंग दान कर पेश की मिसाल

बेंगलुरू, 12 फरवरी। मां-बाप अपनी बिटियां को बड़े लाड़-प्‍यार से पालते हैं और दिल पर पत्‍थर रख कर अपनी लाडली बेटी को एक दिन शादी कर दूसरे घर विदा कर देते हैं। चैत्रा के पापा- मम्‍मी ने भी उसे लेकर ये ही सपना देखा था लेकिन उनको क्‍या पता था कि शादी के ही दिन उनकी बेटी घर नहीं बल्कि दुनिया को ही छोड़ कर चली जाएगी। लेकिन चैत्रा के अचानक चले जाने के बाद उसके मां-बाप ने जो उदाहरण पेश किया वो करना हर किसी के लिए आसान नहीं है।

शादी के स्‍टेज पर अचानक गिर गई चैत्रा

शादी के स्‍टेज पर अचानक गिर गई चैत्रा

दरअसल, ये मामला कर्नाटक के कोलार शहर का है। जहां 26 साल की चैत्रा की शादी थी। उसकी शादी के सारे इंतजाम कर जब वो दुल्‍हन बनकर अपने स्‍टेज पर पहुंची और स्‍टेज पर अपने दुल्‍हे के साथ बैठी थी। अचानक रिसेप्‍शन के दौरान ही मंच पर गिर गई और बेहोश हो गई।

NIMHNS के डॉक्टरों ने उसे 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया

NIMHNS के डॉक्टरों ने उसे 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया

तुरंत उसके मां बाप और सगे संबंधी उसे लेकर अस्‍पताल पहुंचे लेकिन डॉक्‍टरों ने उसकी अधिक खराब हालत देखकर उसे बेंगलुरू NIMHNS रेफर कर दिया। जहां परिजन उसे ले गए, तो डॉक्टरों ने उसे 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया।

सदमें के आए मां बाप ने अंग दान कर पेश की मिसाल

सदमें के आए मां बाप ने अंग दान कर पेश की मिसाल

चैत्रा के माता-पिता ये चौंकाने वाली खबर सुनकर स्तब्ध हो गए थे, एक पल में उनका सारा संसार ही उजड़ जो गया था। बेटी को एक खरोच भी आ जाए तो वो तड़प उठते हैं और बेटी का मौत का सदमे में होते हुए चैत्रा के मां बाप ने ऐसा निर्णय लिया जो समाज के लिए एक मिसाल है। चैत्रा के मां पापा ने अपनी बेटी के अंगों को दान कर दिया है, इस कदम की राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने सराहना की है। ये घटना कोलार जिले के श्रीनिवासपुर की है।

राज्य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने मां-बाप की सराहना करते हुए बोली ये बात

राज्य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने मां-बाप की सराहना करते हुए बोली ये बात

चैत्र के माता-पिता के नेक कार्य की सराहना करते हुए, सुधाकर ने कहा लिखा "यह चैत्रा के लिए एक बहुत बड़ा दिन था। लेकिन नियति की अन्य योजनाएं थीं। दिल तोड़ने वाली त्रासदी के बावजूद, उसके माता-पिता ने उसके अंग दान करने का फैसला किया है। उनकी ये महानता कई लोगों की जान बचाएगी। इसके साथ राज्य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सुधाकर ने अन्य लोगों की जान बचाने के उनके नेक फैसले के लिए अपने परिवार को भी धन्यवाद दिया।

पहले 21 वर्षीय प्रज्‍जवल के माता-पिता कर चुके हैं ये नेक काम

यह NIMHNSमें दूसरी अंगदान की घटना है। इससे पहले सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड घोषित किए गए कुशलनगर शहर के 21 वर्षीय प्रज्वल के माता-पिता ने भी अपने बेटे के अंगदान किए।

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