जम्मू कश्मीर में घुसपैठ में 43 प्रतिशत की कमी, बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद सुधरे हालात
नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी दी है कि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से होने वाली घुसपैठ में साल 2019 के दौरान 43 प्रतिशत की गिरावट आई है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में सदन को यह बताया। अपने जवाब के दौरान उन्होंने फरवरी माह में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक का भी जिक्र किया।

बालाकोट एयर स्ट्राइक से कितना फायदा
गृह राज्यमंत्री सदन में एक लिखित सवाल का जवाब दे रहे थे। सवाल में सरकार से पूछा गया था कि क्या 26 फरवरी को हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जम्मू कश्मीर में होने वाली घुसपैठ में कमी आई है? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि राज्य में सुरक्षाबलों के संगठित प्रयासों की वजह से स्थिति बेहतर हुई है। नित्यानंद राय ने कहा, 'सरकार ने सीमा पर जारी आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई हुई है। सुरक्षाबलों के संगठित और रणनीतिक प्रयासों के चलते राज्य की सुरक्षा व्यवस्था साल 2018 की तुलना में इस वर्ष पहले छह माह में बेहतर हुई है । कुल घुसपैठ में भी 43 प्रतिशत की कमी आई है।'
आतंकी गतिविधियों में 28 % कमी
गृह राज्यमंत्री ने यह बताया कि राज्य सरकार के साथ मिलकर, केंद्र सरकार ने सीमा पार से जारी घुसपैठ को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। इन उपायों में बॉर्डर और एलओसी पर कई स्तरों वाले सुरक्षा इंतजामों, बॉर्डर फेंसिंग, बेहतर इंटेलीजेंस और ऑपरेशनल को-ऑर्डिनेशन के साथ ही सुरक्षाबलों को बेहतर उपकरणों से लैस करने की बात कही। वहीं एक और गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि आतंकी वारदातों में भी 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। उन्होंने कहा, 'आतंकियों से जुड़े घटनाक्रमों में 28 प्रतिशत की गिरावट आई है। कुल घुसपैठ में 43 प्रतिशत, स्थानीय युवाओं की भर्ती में 40 प्रतिशत की गिरावट आई है।' वहीं आतंकियों को खत्म करने की दर बढ़ी है। जी किशन रेड्डी ने बताया कि आतंकियों के खात्मे में 22 प्रतिशत का इजाफ हुआ है।












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