WHO ने दी 'कोवैक्सीन' को मंजूरी, अब भारतीयों को मिलेगी 08 नवंबर से अमेरिका में प्रवेश की अनुमति
WHO ने दी 'कोवैक्सीन' को मंजूरी, अब भारतीयों को मिलेगी 08 नवंबर से अमेरिका में प्रवेश की अनुमति
नई दिल्ली, 04 नवंबर: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' को मंजूरी दे दी है। कोवैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका (यूएस) ने टीकों की अपनी सूची को अपडेट किया है। साथ ही यूएस ने ऐसे यात्रियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं, जो कोवैक्सीन की दोनों डोज ले चुके है। बता दें, ये संशोधित नियम 08 नवंबर से लागू होंगे।

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यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) के प्रेस अधिकारी स्कॉट पॉली ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, 'सीडीसी का यात्रा मार्गदर्शन एफडीए द्वारा अनुमोदित या अधिकृत और डब्ल्यूएचओ आपातकालीन उपयोग के लिए जारी टीकों की सूची पर लागू होता है। किसी भी नए टीके को समय के साथ उन सूचियों में शामिल किया जा सकता है।'
बता दें कि डब्ल्यूएचओ की समिति ने 26 अक्टूबर को कोवैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक से कुछ जानकारियां मांगी थीं। जिसके बाद 03 नवंबर को वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) में शामिल करने का फैसला लिया गया। डब्ल्यूएचओ के टेक्नीकल एडवाइडजरी ग्रुप ने कहा कि कोवैक्सीन कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए मानकों को पूरा करती है और इसका उपयोग दुनिया भर में किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं पर भी टीके के इस्तेमाल को डब्ल्यूएचओ ने सही पाया है।
काफी इंतजार के बाद मिली मंजूरी
कोवैक्सीन भारत में तैयार की गई कोरोना वैक्सीन है। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी ने तैयार किया है। भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) में शामिल करने के लिए इस साल 19 अप्रैल को डब्ल्यूएचओ को आवेदन किया था। सात महीने के इंतजार के बाद टीके को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से मंजूरी मिली है।












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