चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश में की घुसपैठ, 19 घंटे पैदल चलकर सीमा पर पहुंचे भारतीय सैनिक

Written By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। सीमा पर चीन लगातार आपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग इलाके में चीनी सेना की टुकड़ी के घुसपैठ का मामला सामने आया है। लेकिन चीन की हरकतों पर भारतीय सेना की पैनी नजर है, जैसे ही इस घुसपैठ की खबर सेना को मिली वह सेना तुरंत सक्रिय हो गई और घुसपैठ की जगह पर पहुंचने के लिए सेना ने बिना किसी गाड़ी का इंतजार किए पैदल ही कूच कर गई। भारतीय सेना 19 घंटे पैदल चलकर घुसपैठ की जगह पर पहुंची, जिसके बाद चीनी सेना जोकि यहां सड़क बनाने के लिए पहुंची थी उसे वापस जाना पड़ा। दरअसल जिस तरह से डोकलाम में चीनी सेना ने विवादित जगह पर सड़क निर्माण का काम शुरू किया था और भारतीय सेना ने यहां देरी से सक्रिय हुई थी, उसके चलते यहां 70 दिनों तक गतिरोध चला, जिससे सबक लेते हुए इस बार सेना ने किसी तरह की देर किए बिना यहां के लिए रवाना हो गई। 28 दिसंबर को एक कुली ने इस बात की जानकारी दी थी कि सीनी सेना सड़क निर्माण कर रही है जिसके बाद तुरंत भारतीय सैनिक मौके पर रवाना हुए और चीनी सैनिकों को वहां से खदेड़ दिया।

19 घंटे पैदल चलकर पहुंचे थे सैनिक

19 घंटे पैदल चलकर पहुंचे थे सैनिक

आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के उपरी सियांग जिले में सड़क नहीं है, जिसकी वजह से भारतीय सेना को यहां पैदल ही जाना पड़ा। हालांकि भारतीय सेना ने अपनी सक्रियता और जज्बे को दिखाते हुए 19 घंटे पैदल चलकर घुसपैठ की जगह पर पहुंची, लेकिन इस घटना से सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति भी खुलकर लोगों के सामने आ गई है। सड़क नहीं होने की वजह से सेना को पैदल 19 घंटे चलकर घुसपैठ की जगह पर पहुंचना पड़ा जोकि एक खतरनाक संकेत है।

120 सैनिक रवाना किए गए थे

120 सैनिक रवाना किए गए थे

चीन की घुसपैठ की खबर के बाद 120 भारतीय सैनिकों को मौके पर राशन के साथ भेजा गया ताकि वह यहां एक महीने तक रह सके। सड़क नहीं होने की वजह से सेना को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा, यहां तक कि खच्चर की भी सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से सेना को कुली की मदद से यहां राशन पहुंचाना पड़ा। हर सैनिक को यहां तकरीबन 1.5 किलो राशन की जरूरत होती है, जिसे कुलियों के द्वारा पहुंचाया गया।

मौके से बागे चीनी वर्कर

मौके से बागे चीनी वर्कर

सूत्रों के मुताबिक चीन की सेना अपने वाहनों से इस इलाके में पहुंची थी। चीन ने सीमा तक सड़क का निर्माण कर लिया है, जिसकी वजह से वह गाड़ियों में यहां पहुंचे थे। इस विवाद को कुछ ही देर में सुलझा लिया गया था, जिसके बाद चीनी सैनिक सड़क बनाने वाली अपनी मशीनों को लेकर वापस लौट गए। स्थानीय सूत्रों की मानें तो लोगों ने चीनी सेना के इन उपकरणों को तोड़ दिया था, जिसके बाद लोगों के विरोध की वजह से चीनी वर्कर मौके से भाग गए थे। सूत्र ने बताया कि अगर चीन अपनी सेना के जवानों को बड़ी संख्या में लेकर आ जाता तो मुश्किल हो जाती, इसी वजह से सेना को वहां रवाना किया गया था।

हेलीकॉप्टर से गिराया गया राशन

हेलीकॉप्टर से गिराया गया राशन

यहां सैनिकों के लिए खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं था, जिसके बादद सेना ने हेलीकॉप्टर से 100 पैकेट खाना और 30 हजार पैकेट चॉकलेट इन लोगों तक पहुंचाया। यहां ठंड काफी ज्यादा है और रास्ता बहुत ही पथरीला है, ऐसे में चॉकलेट सैनियों को ऊर्जा पहुंचाने के लिए काफी कारगर है। सेना के पास यहां पीने का पानी तक नहीं था, जिसके चलते हेलीकॉप्टर को पानी का केन वहां गिराना पड़ा। हर कुली को 10-15 किलो का राशन पहुंचाने के लिए दिया गया था।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Indian soldiers walked for 19 hour to sent back the Chines soldiers who intruded in Arunachal Pradesh. 120 soldiers were sent to the place of intrusion.
Please Wait while comments are loading...

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.