करतारपुर कॉरिडोर: 31 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा कर लेगा भारत, पुल निर्माण पर फंसा पेंच
नई दिल्ली। भारत सरकार करतारपुर कॉरिडोर को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि गुरु नानक देव की 550वीं जन्मशती से पहले-पहले तक करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण हो जाए। भारत अपनी तरफ से पूरी उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत विशेष अवसरों पर 10,000 तीर्थयात्रियों और प्रतिदिन 5000 तीर्थयात्रियों को यहां पूरा सहयोग देने की तैयारी में जुटा हुआ है। वहीं करतारपुर कॉरिडोर के कुछ इलाकों में निर्माण को लेकर दोनों देशों के बीच पेंच फंसता नजर आ रहा है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि, आर्ट पैसेंजर टर्मिनल और चार लेन वाला वह राजमार्ग जो करतारपुर गलियारे के जीरो प्वाइंट को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगा, उसका निर्माण समय पर पूरा हो जाएगा। वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से दूसरी हाई लेवल बैठक 14 जुलाई आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि वार्ता की इच्छा मूल रूप से इस बात पर आधारित है कि इसको लेकर जो कुछ भी मतभेद है, उस पर पाकिस्तान के साथ बातचीत की जाए।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि, भारत चाहता है कि पाकिस्तान क्रीक क्षेत्र में एक पुल का निर्माण करे। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि, वह केवल पक्की सड़क का निर्माण करेगा। यह क्षेत्र बाढ़ प्रवण है और यदि उनकी तरफ से पुल नहीं बनाया जाता है तो यह ढलान के रूप में भारतीय पक्ष पर बाढ़ का खतरा बढ़ा सकता है। पाकिस्तान सिर्फ पक्की सड़क बनाने पर सहमत हुआ है। वहीं अभी तक यात्रा के तौर-तरीकों पर भी भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत नहीं हुई है।भारत-पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच 14 जुलाई को बैठक होगी। इस दौरान इसपर चर्चा की जाएगी।












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