सिर्फ 44 सेकेंड में 12 मिसाइलों को एक साथ लॉन्च करने वाली पिनाका
ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से भारत ने किया पिनाका गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण। 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दाग सकता है पिनाका।
चांदीपुर। भारत ने गुरुवार को ओडिशा स्थित चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से गाइडेड पिनाका रॉकेट का सफल परीक्षण किया है। इस सफल परीक्षण के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के चेयरमैन एस क्रिस्टोफर ने वैज्ञानिकों और सेना को बधाई दी।

नेविगेशन, गाइडेंस और कंट्रोल किट
पिनाका मार्क-2 पिनाका का बदला हुआ संस्करण है और इसमें नेविगेशन, गाइडेंस और कंट्रोल किट फिट की गई है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक पिनाका की रेंज और इसकी सटीकता की वजह से यह दूसरा वर्जन काफी अहम हो जाता है। पिनाका मार्क-2 की रेंज और इसकी पिनाका 60 किलोमीटर की दूरी और साढ़े तीन वर्ग किलोमीटर की दूरी में स्थित दुश्मन के कई ठिकानों को एक साथ नष्ट कर सकती है। सबसे दिलचस्प है पिनाका मिसाइल सिस्टम का 44 सेकेंड के अंदर बारह रॉकेट्स को लॉन्च करना। इसकी वजह से दुश्मन को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं लो इंटेंसिटी वाले युद्ध में भी यह दुश्मन पर तुरंत हमला कर सकती है। पिनाका का एंटी रडार सिस्टम इसे दुश्मन के हमले से बचाता है। 44 सेकेंड मे सिर्फ 12 मिसाइल लॉन्च करने वाली पिनाका की स्पीड का पता आसानी से लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके शामिल होने से इंडियन आर्मी की ताकत और बढ़ेगी। पढ़ें-आईएएफ चीफ बीएस धनोआ ने उड़ाया मिग-21
कारगिल जंग में पिनाका मार्क-1
गुरुवार को ओडिशा के तट पर चांदीपुर से दोपहर करीब 12:15pm पर पिनाका को लॉन्च किया। आधिकारिक सूत्रों की ओर से बताया गया कि ट्रायल के दौरान मिशन की सारे लक्ष्य हासिल किए। फ्लाइट पथ के दौरान चांदीपुर में सभी राडर, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल और टेलीमेंट्री सिस्टम पर सही से नजर रखी गई। पिनाका को इसे मल्टीबैरेल रॉकेट लॉन्चर से दागा गया था। अगर आपको न मालूम हो तो बता दें कि करगिल युद्ध के दौरान पिनाका मार्क -1 ने काफी साथ दिया था। डिफेंस मिनिस्ट्री के एडवाइजर और डीजी डॉक्टर जी सतीश रेड्डी इस मिशन के दौरान मौजूद रहे।












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