Ram Rahim: जेल से बाहर आया गुरमीत राम रहीम, अब तक 16 बार मिल चुकी है पैरोल, इस बार बदला रुकने का ठिकाना!

Gurmeet Ram Rahim Granted Parole: साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। सक्षम राज्य प्राधिकारी (Competent State Authority) द्वारा 30 दिनों की पैरोल मंजूर किए जाने के बाद राम रहीम मंगलवार सुबह करीब 6:34 बजे रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आ गया।

जेल से बाहर निकलते समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, लेकिन उन्हें काफी गोपनीय और सीमित रखा गया था।रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2020 के बाद से यह 16वीं बार है जब राम रहीम को पैरोल या फरलो दी गई है। उन्हें पिछली बार 5 जनवरी, 2026 को 40 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया था। उस दौरान, वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहे और पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद जेल लौट आए।

gurmeet ram rahim

राह रहीम कहां गुजारेगा पैरोल के दिन?

राम रहीम के वकील जितेंद्र खुराना ने इस डेवेलपमेंट की पुष्टि करते हुए ANI से बातचीत में कहा, 'राम रहीम को आज राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा 30 दिनों की पैरोल दे दी गई है।' वकील ने यह भी साफ किया कि जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम इस बार हरियाणा के सिरसा स्थित अपने मुख्य 'डेरा सच्चा सौदा' आश्रम में ही रहेगा और वहीं समय बिताएगा। इससे पहले वह जब भी पैरोल पर आता था, तो अक्सर यूपी के बागपत स्थित बरनावा आश्रम जाता था।


कब से से जेल में बंद है राम रहीम?

गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पहली बार सुनारिया जेल भेजा गया था। तब से लेकर अब तक वह कई बार पैरोल और फर्लो पर जेल से बाहर आ चुका है। इसी साल जनवरी में भी उसे 40 दिनों की पैरोल मिली थी, जिसके बाद वह 15 फरवरी को वापस जेल लौटा था। राम रहीम को बार-बार मिलने वाली इस पैरोल को लेकर हमेशा राजनीतिक विवाद और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं खड़ी होती रही हैं।

किस मामले में हाई कोर्ट से मिल चुकी है राहत?

कानूनी मोर्चे पर राम रहीम के लिए पिछला कुछ समय राहत भरा रहा है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उसे पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी कर दिया था। राम रहीम पर अपने अखबार में डेरा प्रमुख की आलोचना करने वाले सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या की साजिश रचने का आरोप था। साल 2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने उसे इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उसे बरी कर दिया था।

Delhi Gymkhana Club Case: क्या दिल्ली जिमखाना क्लब होगा खाली? केंद्र के आदेश के खिलाफ आज हाईकोर्ट में सुनवाई
Delhi Gymkhana Club Case: क्या दिल्ली जिमखाना क्लब होगा खाली? केंद्र के आदेश के खिलाफ आज हाईकोर्ट में सुनवाई

रंजीत सिंह मर्डर केस में भी हुआ था बरी

छत्रपति हत्याकांड से पहले, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की 2002 में हुई हत्या के मामले में भी बरी कर दिया था। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले में भी राम रहीम को उम्रकैद की सजा दी थी।

आरोप था कि कुरुक्षेत्र के खानपुर कोलियां गांव के रहने वाले रंजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को उनके खेतों में हत्या कर दी गई थी, क्योंकि उन पर साध्वियों की चिट्ठी वायरल करने का शक था। हालांकि, हाई कोर्ट से उसे इन दोनों ही बड़े मर्डर केस में राहत मिल चुकी है।

Twisha Sharma Case: '7 लाख मैंने उसे दिए, अपने मन से खाई गर्भपात की दवा', पति समर्थ ने पुलिस को क्या बताया?
Twisha Sharma Case: '7 लाख मैंने उसे दिए, अपने मन से खाई गर्भपात की दवा', पति समर्थ ने पुलिस को क्या बताया?

23 साल की उम्र में संभाली डेरे की कमान

गुरमीत राम रहीम सिंह का जन्म राजस्थान के एक सिख परिवार में हुआ था। उसके पिता मघर सिंह उसे डेरा सच्चा सौदा लेकर आए थे, जिसकी स्थापना साल 1948 में हुई थी। साल 1990 में महज 23 साल की उम्र में राम रहीम को इस डेरे का प्रमुख (गद्दीनशीन) घोषित कर दिया गया। राम रहीम के नेतृत्व में हरियाणा के सिरसा में स्थित इस डेरे का साम्राज्य बहुत तेजी से फैला।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आज देश भर में इसकी करीब 50 शाखाएं हैं और यह दावा करता है कि दुनिया भर में उसके 6 करोड़ से ज्यादा अनुयायी (फॉलोअर्स) हैं। सिरसा स्थित इसके मुख्य मुख्यालय में खुद का सिनेमा हॉल, शानदार होटल, स्पोर्ट्स स्टेडियम और बड़े-बड़े स्कूल मौजूद हैं।

'गुरु ऑफ ब्लिंग' और 'सेंटीमेंटल MSG' का रॉकस्टार अवतार

राम रहीम आम संतों की तरह नहीं रहता था। चमकीले कपड़े पहनने और भारी-भरकम ज्वेलरी के शौक के कारण विदेशी मीडिया ने उसे 'गुरु ऑफ ब्लिंग' (Guru of Bling) का नाम दिया था। उसने खुद ही कई फिल्में बनाईं, जिनमें 'एमएसजी: द मैसेंजर ऑफ गॉड' सबसे चर्चित रही। वह खुद को फिल्मों का डायरेक्टर, एक्टर, सिंगर, राइटर, लिरिसिस्ट और ऑलराउंडर खिलाड़ी बताता था। सोशल मीडिया पर उसका बायो 'संत डॉ. एमएसजी' के नाम से भरा पड़ा है। शादीशुदा होने और एक बेटे व दो बेटियों का पिता होने के बावजूद बाद में उसने खुद को ब्रह्मचारी घोषित कर दिया था।

एक गुमनाम चिट्ठी ने ढहा दिया बाबा का साम्राज्य

बाबा के इस विशाल साम्राज्य के पतन की शुरुआत साल 2002 में हुई। डेरे की ही एक साध्वी (महिला अनुयायी) ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक गुमनाम चिट्ठी भेजी। इस चिट्ठी में उसने राम रहीम पर यौन उत्पीड़न और अन्य महिलाओं के यौन शोषण के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इस पत्र के आधार पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू की। करीब 15 साल चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने साल 2017 में राम रहीम को दोषी ठहराया और 20 साल जेल की सजा सुनाई। जब उसे दोषी ठहराया गया, तो पंचकूला में मौजूद उसके लाखों समर्थकों ने दंगा भड़का दिया था, जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+