भारतीय रेल ने स्लोवाकिया से मिलाया हाथ, पर इससे होगा क्या?
भारत सरकार के रेल मंत्रालय और स्लोवाक गणराज्य यानि स्लोवाकिया के परिवहन, निर्माण एवं क्षेत्रीय विकास मंत्रालय ने रेलवे क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू रेल यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं के मद्देनजर बेहद उपयोगी माना जा रहा है।

एमओयू के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में विकास किया जायेगा-
- बुनियादी ढांचे का निर्माण एवं प्रबंधन - रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण। साथ ही रेल कोच वर्कशॉप का आधुनिकीकरण।
- टिकट बुकिंग के अलावा बहुत सारी चीजें हैं, जिसके लिये यात्रियों को चक्कर काटने पड़ते हैं उन समस्याओं का हल सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के तहत होगा।
- रेल के डिब्बे व इंजन (रोलिंग स्टॉक) का आधुनिकीकरण किया जायेगा।
- सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम का आधुनिकीकरण किया जायेगा, ताकि रेल दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
- दोनों ही पक्षों के बीच आपसी सहमति वाला ऐसा कोई भी क्षेत्र जो इस एमओयू के दायरे में आता हो।
उपर्युक्त एमओयू दो वर्षों की अवधि के लिए वैध है और अगले दो वर्षों के लिए इसका नवीकरण स्वत: ही हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के सचिव श्री गंगा राम अग्रवाल और स्लोवाक गणराज्य के राजदूत श्री जि़ग्मंड बर्टोक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।












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