रूस से रुपए में कच्चा तेल खरीदने का कोई अनुबंध नहीं: केंद्र सरकार
नई दिल्ली, 28 मार्च: केंद्रीय मंत्री ने रामेश्वर तेली ने संसद में कहा, यूक्रेन पर आक्रमण करने के चलते पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत रूस या किसी अन्य देश से भारतीय रुपये का उपयोग करके तेल खरीदने पर विचार नहीं कर रहा है। इससे पहले भारतीय मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि, भारत रूस से भारतीय रुपए में क्रूड ऑयल की खरीद करने जा रहा है। जिसके लेकर डील लगभग तय हो गई है। अब सरकार की ओर से ही इसका खंडन कर दिया गया है।

संसद को संबोधित करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, "वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के तेल उपक्रमों का रूस या किसी अन्य देश से भारतीय रुपये में कच्चे तेल की खरीद का न तो कोई अनुबंध है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। इससे पहले खबर आई थी कि, भारतीय कंपनियां भारी छूट का फायदा उठाकर हाजिर निविदाओं के जरिए रूसी तेल खरीद रही हैं, जबकि अन्य खरीदार यूक्रेन पर आक्रमण के चलते मास्को से खरीदारी करने से कतरा रहे हैं।
भारत ने रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि भारतीय तेल कंपनियां रूस से महंगी माल ढुलाई के कारण तेल खरीदने से परहेज करती हैं। ऐसे ये तेल कंपनियां रूस के कितनी और किस कीमत पर तेल खरीदने वाली है। इसका कोई विवरण सामने नहीं आया है। वहीं सोमवार को डिमांड घटने से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर क्रूड ऑयल फ्यूचर्स (crude फीसदी कमजोर होकर 8,279 रुपये रह गया है।
रविवार को गेल (इंडिया) लि. ने कहा कि वह रशियन गैस इंडस्ट्री कंपनी गैजप्रोम से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) आयात के लिए अमेरिकी डॉलर में भुगतान को जारी रखा है और यूरो जैसी किसी अन्य करेंसी में भुगतान के अनुरोध पर एक्सचेंज रेट न्यूट्रैलिटी की मांग करेगा। गेल का गैजप्रोम से सालाना 25 लाख टन एलएनजी के आयात का अनुबंध है। इस लिहाज से कंपनी को हर महीने तीन से चार कार्गो या सुपर-कूल्ड प्राकृतिक गैस की खेप जहाज से मिलेगी।












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