अमेरिकी प्रतिबंधों की धमकियों के बाद भी भारत खरीदने जा रहा है रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम
नई दिल्ली। तमाम अमेरिकी प्रतिबंधों की धमकियों को दरकिनार करते हुए भारत ने रूस से एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने का पूरा मन बना लिया है। अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं उनके कानून सीएएटीएसए (CAATSA) के मुताबिक अगर कोई मुल्क एक सीमा से अधिक रूस से डिफेंस डील करता है, तो उन पर भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। रूस शुरू से ही भारत का एक बड़ा डिफेंस पार्टनर रहा है और नई दिल्ली ने तय कर लिया है कि वे मास्को के साथ अपनी डिफेंस डील को जारी रखेंगे, फिर चाहे अमेरिकी प्रतिबंधों को भी क्यों ना झेलना पड़े।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि 'अमेरिका के साथ सभी वार्ताओं में हमने यह स्पष्ट रूप से बताया है कि रूस के साथ हमारा रक्षा सहयोग काफी लंबे समय से चला आ रहा है और यह टाइम टेस्टेड संबंध है। हमने यह बता दिया है कि सीएएटीएसए भारत-रूस रक्षा सहयोग को प्रभावित नहीं कर सकता है।' रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने रूस ने कई हथियार प्राप्त किए हैं और दोनों देशों के बीच डिफेंस डील जारी रहेगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अगस्त 2017 में एक कानून पारित किया था और इस साल जनवरी में अस्तित्व में आया। इसके अनुसार, ट्रंप प्रशासन उन देशों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेगी जो रूस के साथ रक्षा या खुफिया सेक्टर में कोई लेन देन करता है। गौरतलब है कि भारत 4.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने जा रहा है।
भारत और रूस के बीच 2016 में शिखर सम्मेलन के दौरान एस-400 मिसाइल सिस्टम को खरीदने पर समझौता हुआ था, जिसकी अब फाइनल डील हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच इस साल अक्टूबर में होने वाली मीटिंग से पहले ही आधिकारिक रूप एस-400 खरीदने की अंतिम घोषणा भी हो जाएगी।












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