पुलिस की गिरफ्त से फरार दाउद बतायेगा दाउद का ठिकाना
बेंगलुरु। अभी आपने पढ़ा कि कैसे दाऊद के करीबी अब्दुर रऊफ दाउद की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश की पुलिस को कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं और लग सकती हैं। इससे यह साफ हो गया है कि 2001 में पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ दाउद अपने आका दाउद का ठिकाना बतायेगा। इसी उम्मीद के साथ भारत बांग्लादेश से रऊफ के प्रत्यपर्ण का अनुरोध करने वाला है।

मिलेगा दाऊद का ठिकाना
भारतीय एजेंसिया रऊफ की गिरफ्तारी और उससे हो रही पूछताछ पर करीब से नजर रखे हैं। बांग्लादेश में भले ही रऊफ अपना नेटवर्क स्थापित करने की कोशिशों में लगा हो लेकिन सबसे अहम है आईएसआई और दाऊद के साथ उसका कनेक्शन।
भारत के लिहाज से यह बात काफी अहम है। भारत जल्द ही बांग्लादेश से रऊफ को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए एक औपचारिक अनुरोध भेजने की तैयारी कर रहा है। भारत रऊफ से जानना चाहेगा कि आखिर दाऊद कहां हैं और साथ ही साथ वह उसके लिए कौन-कौन से कामों को अंजाम देता था।
2001 में कोलकाता पुलिस ने किया था गिरफ्तार
रऊफ को वर्ष 2001 में बांग्लादेश की पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था और रऊफ ने गुलशन कुमार की हत्या की बात स्वीकारी थी। रऊफ को जब कोलकाता पुलिस पेरोल पर ले जा रही थी तो वह बांग्लादेश भागने में सफल हो गया।
वर्ष 2009 में उसे बांग्लादेश पुलिस ने फिर से गिरफ्तार किया और उस पर अपने देश में गैरकानूनी तरीके से घुसने का आरोप लगाया। रऊफ को इसकी वजह से पांच साल जेल में काटने पड़े। उसकी रिहाई हुई लेकिन
उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। रऊफ अपनी गिरफ्तारी से पहले कई बार बांग्लादेश जा चुका है। साथ ही साथ वह डी गैंग और उन सभी आतंकी संगठनों की पहली पसंद है जो न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं।












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