India Post की नई पहल, अब ड्रोन से पहुंचेगी डाक! हिमाचल के दुर्गम गांवों में मिनटों में होगी पार्सल डिलीवरी
India Post Drone Delivery: हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भारतीय डाक विभाग (India Post) ने एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। अब पहाड़ों की कठिन चढ़ाई और खराब रास्तों की परवाह किए बिना आपकी चिट्ठियां, जरूरी कागजात और पार्सल सीधे आसमान से उड़कर आपके घर पहुंचेंगे।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने शनिवार, 13 जून को हिमाचल प्रदेश में 'ड्रोन आधारित डाक और पार्सल डिलीवरी सेवा' की शुरुआत की घोषणा की है।

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहरधार (Mandi-Rehardhar) मार्ग पर इंडिया पोस्ट द्वारा ड्रोन आधारित मेल और पार्सल डिलीवरी सेवा शुरू की गई है। यह पहल ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को और अधिक मजबूत बनाएगी।
India Post Drone Mail Delivery Himachal 2026: घंटों का सफर अब सिर्फ 7 मिनट में
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि जिन इलाकों तक डाक पहुंचाने में पहले कई घंटे लग जाते थे, वहां अब ड्रोन की मदद से केवल 7 मिनट में डाक और पार्सल पहुंचाए जा सकेंगे। पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में यह तकनीक लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस सेवा में रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम भी शामिल किया गया है, जिससे पार्सल और डाक की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे डिलीवरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।
डाक सेवकों के सुझाव से निकला यह आधुनिक रास्ता
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि यह पूरी योजना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल और आधुनिक भारत के विजन का हिस्सा है। सबसे खास बात यह है कि इस पर्यावरण-अनुकूल अभियान का विचार सीधे जमीन पर काम करने वाले कर्मचारियों के जरिए आया है। सिंधिया ने इस पहल की सबसे खास बात बताते हुए कहा कि यह विचार सीधे जमीनी स्तर से आया है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीण डाक सेवकों (Gramin Dak Sevaks) और डाक सहायकों (Postal Assistants) ने दुर्गम क्षेत्रों में डाक वितरण से जुड़ी चुनौतियों को सामने रखा था। इन्हीं सुझावों और अनुभवों के आधार पर ड्रोन डिलीवरी मॉडल विकसित किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल इस बात का उदाहरण है कि कैसे जमीनी स्तर से मिले सुझाव नीतिगत बदलावों और तकनीकी नवाचारों का आधार बन सकते हैं।

हिमाचल और असम के 150 रूटों पर उड़ेंगे ड्रोन: क्या है पूरा प्लान?
डाक विभाग का यह अभियान सिर्फ एक रूट तक सीमित नहीं रहने वाला है। सरकार ने इसके विस्तार के लिए एक बहुत बड़ा रोडमैप तैयार किया है। अगले दो से तीन महीनों के भीतर हिमाचल प्रदेश और असम के लगभग 150 पहाड़ी और दुर्गम रास्तों पर ड्रोन सेवा शुरू करने की योजना है। इन रूटों पर सेवा देने के लिए गुरुग्राम की ड्रोन कंपनी 'स्काई एयर मोबिलिटी' (Skye Air Mobility) के साथ सहयोग किया जा रहा है।
ये ड्रोन एक बार में 10 किलोग्राम तक के पार्सल लेकर 30 से 50 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकते हैं। इस सेवा से दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को भी देश की मुख्यधारा से तेज गति से जोड़ा जा सकेगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापार और जरूरी सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। भारत पोस्ट की यह नई पहल देश के दूरस्थ गांवों तक तेज, सुरक्षित और आधुनिक डाक सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।














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