कोरोना से कराह रहे भारत को मिला विदेशी दोस्तों का साथ, जानिए कौन सा देश कैसे कर रहा सहायता

नई दिल्ली, 27 अप्रैल। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। कोविड के रोजाना बनते नए रिकॉर्ड ने हमें अब दुनिया के सबसे अधिक नए संक्रमितों की सूची में पहले स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है। अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड और ऑक्सीजन नहीं हैं, वहीं डॉक्टरों के पास मरीजों को देने के लिए दवाई नहीं है। महामारी के इस काल में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किए जा रहे सभी दावों की पोल खुल चुकी है।

पाकिस्तान-चीन ने की मदद की पेशकश

पाकिस्तान-चीन ने की मदद की पेशकश

चीन से आए इस जानलेवा वायरस के सामने दम तोड़ती जिंदगियों को बचाने के लिए अब भारत को अपने विदेशी दोस्तों का साथ मिला है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझते भारत की मदद के लिए पाकिस्तान-चीन सहित कई देशों ने मदद की पेशकश की है। जबकि कई देश मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा चुके हैं। कोविशील्ड वैक्सीन के उत्पादन में लगने वाले कच्चे माल पर से प्रतिबंध हटाकर अमेरिका ने पहले ही भारत को बड़ी राहत दी है, इस बीच विदेश से कई मेडिकल किट और जरूरी सामान भी भारत पहुंच रहे हैं।

ब्रिटेन सहित इन देशों से आ रही मदद

ब्रिटेन सहित इन देशों से आ रही मदद

कोरोना की सुनामी से निपटने के लिए भारत को अंतर्राष्ट्रीय सहायता मिल रही है। यूके, फ्रांस, अमेरिका, सऊदी अरब और दुबई कुछ ऐसे देशों में से हैं जिन्होंने इस मुश्किल घड़ी में भारत के साथ एक-जुटता दिखाई है। भारत के लिए मदद का हाथ बढ़ाने वाले देशों में ब्रिटेन भी है जिसने घोषणा की थी कि वह इस सप्ताह भारत में 495 ऑक्सीजन कंटेनर्स, 120 वेंटिलेटर और 20 मैनुअल वेंटिलेटर भेजेगा। इनमें से 100 वेंटिलेटर और 95 ऑक्सीजन कंटेनर्स पहले ही 27 अप्रैल, 2021 भारत पहुंच चुका है।

फ्रांस ने निभाई दोस्ती

फ्रांस ने निभाई दोस्ती

दूसरी ओर फ्रांस ने कहा कि वह दो चरणों में सहायता भेजेगा। इस सप्ताह के पहले चरण में वह 8 बड़े ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले स्त्रोत, तरल ऑक्सीजन 28 श्वसन यंत्र और उनकी किट, साथ ही 200 इलेक्ट्रिक सिरिंज पुशर्स भेजे जाएंगे। अगले चरण में फ्रांस से पांच तरल ऑक्सीजन कंटेनर भारत पहुंचेंगे। दुनिया ने बता दिया है कि कोरोना से इस लड़ाई में भारत अकेला नहीं है उसके साथ कई देश खड़े हैं।

आयरलैंड और जर्मनी ऐसे करेगा भारत की मदद

आयरलैंड और जर्मनी ऐसे करेगा भारत की मदद

इस सूची में आयरलैंड का भी नाम शामिल है, इस सप्ताह वह 700 ऑक्सीजन कंटेनर्स भेजेगा। जबकि जर्मनी मोबाइल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 120 वेंटिलेटर, 80 मिलियन से अधिक KN95 मास्क भेजेगा। इसके अलावा जर्मनी टेस्टिंग और कोरोना वायरस के आरएनए पर एक वेबिनार भी रखेगा। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र भी आयात कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया-सिंगापुर भेज रहा ये सामान

ऑस्ट्रेलिया-सिंगापुर भेज रहा ये सामान

दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने मंगलवार को ऐलान किया कि ऑस्ट्रेलिया 500 वेंटिलेटर, एक मिलियन सर्जिकल मास्क, 500,000 पी2 और एन95 मास्क, 100,000 चश्मे, 100,000 जोड़े दस्ताने और 20,000 फेस शील्ड भेजेगा। कुवैत और रूस ने निजी और अन्य चैनलों के माध्यम से सुरक्षित कोविड-19 चिकित्सा आपूर्ति की आपूर्ति सुनिश्चित की है। सिंगापुर ने भारत से 500 BiPAPs, 250 ऑक्सीजन कंटेनर्स, चार क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर और अन्य मेडिकल किट देने का वादा किया है।

सऊदी अरब, हांगकांग, थाईलैंड और यूएई ऐसे करेगा मदद

सऊदी अरब, हांगकांग, थाईलैंड और यूएई ऐसे करेगा मदद

भारत के मुस्लिम देशों में से एक सऊदी अरब ने समुद्री मार्ग से मदद भेजना शुरू कर दिया है। बीते दिनों ऑक्सीजन कंटेनर्स भारतीय तट पर उतरे हैं इसके अलावा सऊदी अरब 80 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन भेजेगा। हांगकांग ने 800 ऑक्सीजन कंटेनर्स के साथ भारत को मदद का भरोसा दिलाया है। थाईलैंड चार क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक भेजेगा और यूएई ने छह क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों का आश्वासन दिया है।

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