कोरोना संकट पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी नेशनल प्लान की जानकारी, दाखिल किया 200 पेज का एफिडेविट
कोरोना वायरस पर नेशनल प्लान की केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी, दाखिल किया 200 पेज का एफिडेविट
नई दिल्ली, 27 अप्रैल: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कोरोना संकट को लेकर अपने नेशनल प्लान की जानकारी दी है। इसको लेकर मंगलवार को केंद्र की ओर से 200 पेज का एफिडेविट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है। जिसमें केंद्र की ऑक्सीजन, दवाइयों की सप्लाई और दूसरी जरूरी सेवाओं के बारे में अपनी योजना की जानकारी दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने देश में कोरोना महामारी को एक राष्ट्रीय संकट बताते हुए कहा केंद्र से इस पर नेशनल प्लान मांगा था। जिस पर केंद्र की ओर से जवाब दाखिल किया गया है।

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केंद्र सरकार ने अपने हल्फनामे में सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सरकार के सभी अंग और दूसरे स्टॉक होल्डर को वर्तमान महामारी में उठाए कदमों के बारे में और सभी पहलुओं की जानकारी दी है। केंद्र ने कहा कि कोविड नेशनल प्लान में छोटी बातें शामिल नहीं हैं, क्योंकि अलग-अलग परिस्थितियों में कई फैसले हर रोज लेने होते हैं।
देश में कोरोना के लगातार बढ़ते मामले, अस्पतालों में बेड की कमी और ऑक्सीजन संकट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्वत संज्ञान लिया है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये कोई आम हालात नहीं हैं, लोग मर रहे हैं। ऐसे में हम बैठकर चुपचाप ये सब नहीं देख सकते हैं।
चार मुद्दों पर मांगा था कोर्ट ने जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने चार मुद्दों पर केंद्र सरकार से मांगा था, पहला- ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने को लेकर सरकार क्या कर रही है। दूसरा-देश में कोरोना की एंटी वायरल ड्रग रेमेडिसविर जैसी दवाइयों की किल्लत पर क्या है योजना? तीसरा- सभी को टीकाकरण का प्लान और चौथा- देश में लॉकडाउन लगाने को लेकर विचार और योजना।












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