कोरोना ब्रीफिंग: 24 घंटे में 3390 नए केस, रिकवरी रेट बढ़कर हुआ 29.36%
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या मे लगातार इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 24 घंटे में 3390 मामले सामने आए हैं, साथ ही 1273 मामले ठीक भी हुए हैं, रिकवरी रेट बढ़कर 29.36 प्रतिशत हो चुकी है। हर तीन लोगों में एक व्यक्ति सही हो रहा है। वहीं गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि, रेलवे ने फंसे हुए लोगों की आवाजाही के लिए 222 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, 2.5 लाख से अधिक लोगों ने इस सुविधा का उपयोग किया है
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स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 3390 मामले सामने आए हैं और 1273 लोग ठीक हुए हैं। अब तक 16 हजार 540 लोग ठीक हो चुके हैं और 37 हजार 916 लोग निगरानी में हैं। रेलवे ने 5231 कोच कोविड केयर सेंटर में बदल दिए हैं। 215 स्टेशनों पर लगाकर उनका इस्तेमाल माइल्ड केस के इलाज के लिए किया जाएगा। 85 स्टेशन पर हेल्थ केयर स्टाफ रेलवे की ओर से दिया जाएगा। इसके लिए 2500 डॉक्टर और 35 हजार स्टाफ तय किया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, 3.2% मरीज ऑक्सिजन सपॉर्ट पर हैं, 4.7% मरीजों को आईसीयू सपॉर्ट से संबंधित सेवाएं दी जा रही हैं और 1.1% मरीज वेंटिलेटर सपॉर्ट पर हैं।
लव अग्रवाल ने बताया कि 42 जिलों में 28 दिन में कोई केस नहीं आया। 29 जिलों में पिछले 21 दिन में, 36 जिलों में 14 दिन में और 46 जिलों में 7 दिन से कोई केस नहीं आया। रिवकरी रेट 29.36% हो गया है। देश में 216 ऐसे जिले हैं जिसमें कोरोना के एक भी केस नहीं हैं। 42 जिलों में पिछले 28 दिन से नया केस नहीं आया है। लव अग्रवाल ने कहा कि, अगर हम दिशानिर्देशों का सही पालन करते हैं तो हम कोरोना के मामलों के शिखर तक नहीं पहुंचेंगे, अगर नहीं किया तो आने वाले समय में मामलों का बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी। वहीं डेटा के विश्लेषण के बाद जल्द ही राज्यों को लाल, नारंगी और हरे रंग की एक संशोधित सूची भेजी जाएगी।
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि श्रमिकों, छात्रों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को घर पहुंचाने के लिए 222 विशेष ट्रेन चलाई है। ढाई लाख से ज्यादा लोगों को इससे लाभ मिला है। अब विदेशों में फंसे नागरिकों को लाने का काम शुरू किया जा चुका है। पहले सबका पंजीकरण कराया जाएगा। केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। बोर्डिंग से पहले सभी यात्रियों को हलफनामा देना होगा कि घर पहुंचने के बाद उन्हें अपने खर्चे पर 14 दिन इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रहना होगा।
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