IIT कानपुर ने अभी से कर दी है कोविड की चौथी लहर की भविष्यवाणी, जानिए कब आएगी
नई दिल्ली, 27 फरवरी: देश में कोविड की तीसरी लहर लगातार कम होती जा रही है। रविवार सुबह जारी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कोविड संक्रमण के 10,273 नए केस सामने आए हैं और देश में इस वक्त ऐक्टिव केसलोड घटकर महज 1,11,472 रह गई है और रिकवरी रेट 98.54% तक पहुंच चुकी है। यही नहीं डेली पॉजिटिविटी रेट भी मात्र 1.00% पर आ चुकी है। लेकिन, इसी दौरान कोविड की तीन लहरों की भविष्यवाणी कर चुके आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने चौथी लहर का भी विस्तार से संभावित ब्योरा जारी कर दिया है कि यह लहर कब शुरू होगी, किस दिन पीक पर पहुंचेगी और कब तक पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने की चौथी लहर की भविष्यवाणी
कोविड की तीसरी लहर अब दम तोड़ चुकी है। लेकिन, अभी से शोधकर्ताओं ने भारत में चौथी लहर का अनुमान जता दिया है। यह अनुमान आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने जताया है, जिनकी पिछली भविष्यवाणियां काफी हद तक सही साबित हो चुकी हैं। हालांकि, अबतक की तीनों लहरों के मुकाबले चौथी लहर में स्थिति कितनी गंभीर होगी, इसके बारे में कहा गया है कि यह नए वेरिएंट के उभरने और टीकाकरण की स्थिति पर निर्भर करेगा, जिसमें बूस्टर डोज लगाया जाना भी शामिल है।
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चार महीने तक रह सकती है चौथी लहर
आईआईटी कानपुर के शोधार्थियों के मुताबिक कोविड की जिस चौथी लहर की बात की जा रही है, अगर वैसी आती है तो वह चार महीने तक रहेगी। 24 फरवरी को यह सांख्यिकीय अनुमान प्रीप्रिंट सर्वर मेडआरक्सिव पर प्रकाशित हुआ है। आईआईटी कापुर के शोधकर्ताओं ने देश में इस तरह से तीसरी बार कोविड की लहर का अनुमान जताया है। दावे के मुताबिक खासकर तीसरी लहर के बारे में उसकी भविष्यवाणी लगभग सटीक रही है और उसमें कुछ ही दिनों का अंतर रहा है। यह रिसर्च आईआईटी कानपुर के गणित और सांख्यिकीय विभाग के साबरा प्रशाद राजेशभाई, सुभ्रा शंकर धर और सलभ ने संपन्न किया है।

22 जून से आएगी चौथी लहर, 23 अगस्त को पीक पर होगी
रिसर्च के नतीजों के मुताबिक भारत में कोरोना की चौथी लहर इस साल 22 जून के आसपास शुरू होगी और 24 अक्टूबर तक रहेगी। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह लहर 15 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक पीक पर रहेगी और उसके बाद संक्रमण के मामले घटने शुरू हो जाएंगे। अपनी भविष्यवाणी के लिए रिसर्च टीम ने सांख्यिकीय मॉडल का इस्तेमाल किया है, जिसके आधार पर यह गणना की गई है कि देश के कोरोना वायरस के पहले संक्रमण (चीन के वुहान से आई केरल की मेडिकल स्टूडेंट 30 जनवरी, 2020 को कोविड संक्रमित पाई गई थी, जो देश में पहला मामला है ) के 936 दिनों बाद चौथी लहर आने की संभावना बनती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, 'इसलिए, चौथी लहर (अनुमानित) 22 जून को शुरू होगी, 23 अगस्त को पीक पर पहुंचेगी और 24 अक्टूबर को खत्म हो जाएगी।'

चौथी लहर में ये तमाम फैक्टर काम करेंगे
इस शोध में कोविड के नए वेरिएंट को लेकर भी इशारा किया गया है, जिसका इस विश्लेषण पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, 'इसके प्रभाव की तीव्रता वायरस की संक्रामकता और उससे होने वाली मृत्यु जैसे विभिन्न बातों पर निर्भर करेगी। चौथी लहर में; टीकाकरण का असर, बूस्टर डोज जैसे विभिन्न पहलू संक्रमण की तादाद में अहम रोल निभाएंगे।'












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