IFS Vikram Mistry: विदेश सचिव विक्रम मत्री को मिला सेवा विस्तार, 2026 तक बढ़ा कार्यकाल
विदेश सचिव विक्रम मंत्री का कार्यकाल इस महीने के अंत यानी 30 नवंबर को समाप्त हो रहा था। इससे पहले केंद्र उन्हें सेवा विस्तार दिए जाने की अनुमति दे दी है। सरकार की ओर जारी अधिसूचना के मुताबिक आईएफएस विक्रम मिस्त्री का कार्यकाल अब जुलाई,2026 तक बढ़ा दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री का कार्यकाल 14 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दिया। भारतीय विदेश सेवा (IFS) 1989 बैच के अधिकारी विक्रम मिस्री ने इस साल 15 जुलाई को विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। आईएफएस विक्रम मिस्त्री के सेवा विस्तार को लेकर एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया, "कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एफआर 56 के प्रावधानों के संदर्भ में, 30 नवंबर को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख से परे 14 जुलाई, 2026 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, विदेश सचिव के रूप में विक्रम मिस्री के विस्तार को मंजूरी दी है।"

कौन हैं विक्रम मिस्त्री
विक्रम मिस्त्री भारत के विदेश सचिव पद पर नियुक्ति से पहले राजदूत के पद पर काम किया। मिस्त्री की आखिरी नियुक्ति राजदूत के पद पर बीजिंग में हुई की थी। दरअसल, विक्रम मिस्त्री को उन्हें विदेश मंत्रालय में चीन के मामलों को संभालने वाले शीर्ष अधिकारियों में से एक माना जाता है। इससे पहले जुलाई में विदेश सचिव के रूप में नियुक्ति से पहले मिस्री उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। उन्होंने जनवरी 2022 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में भूमिका निभाई। यहां विक्रम मिस्त्री ने एनएसए अजीत डोभाल को रिपोर्ट किया।
तीन पीएम के निजी सचिव रहे विक्रम मिस्त्री
1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी मिस्री ने 15 जुलाई को विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने विनय क्वात्रा का स्थान लिया है, वे वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रावधान सार्वजनिक हित में विदेश सचिव की सेवा को सेवानिवृत्ति की तारीख से आगे बढ़ाने की अनुमति देते हैं।
विकम मिस्री ने 3 पीएम के निजी सचिव के रूप में कार्य किया
1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी मिस्री ने 15 जुलाई को विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने विनय क्वात्रा का स्थान लिया है, जो वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत हैं।
1988 बैच के आईएफएस अधिकारी क्वात्रा ने वाशिंगटन डीसी में तरणजीत संधू से भारतीय दूत के रूप में पदभार संभाला, जो जनवरी में सेवानिवृत्त हुए थे। मिस्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बाद में एक्सएलआरआई, जमशेदपुर से एमबीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने तीन प्रधानमंत्रियों- नरेंद्र मोदी, डॉ. मनमोहन सिंह और इंद्र कुमार गुजराल के निजी सचिव के रूप में कार्य किया।












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