मोदी बनें पीएम तो जसोदाबेन की बढ़ जाएंगी मुश्किलें
नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में चंद दिन ही बाकी है। देश फैसला कर देगा कि वो भारतीय जनता पार्टी के पीएम पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी की लहर में बह गया है या फिर उनसे एक बार फिर से कांग्रेस के हाथ का साथ दिया है। अगर मोदी की लहर काम कर गई तो अगली सरकार भाजपा की बनेगी और नरेन्द्र मोदी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। मोदी के पीएम बनने से लोगों को उम्मीद है कि उनकी मुश्किलें आसान होगी, लेकिन उनके पीएम बनने से एक की मुसीबतें बढ़नी तय है। जी हां हम बात कर रहे है मोदी की पत्नी जसोदाबेन की।
मोदी ने वड़ोदरा में अपना नामांकन भरते वक्त जसोदाबेन को अपनी पत्नी के तौर पर पेश किया था। अब तक इस रिश्ते से इंकार करते आए मोदी ने इस बार उन्हें अपनी पत्नी माना और उनका नाम नामांकन पत्र में पेश किया।मोदी की पत्नी का दर्जा मिलते ही जसोदाबेन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए है। ऐसे में अगर मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते है तो जसोदाबेन को और उनकी मां हीराबेन को एसपीजी की सुरक्षा मिलेगी, लेकिन ये सुरक्षा उनके सादे जीवन में खलल डालने के लिए काफी है।

मिलेगी सुरक्षा
मोदी अगर पीएम बनते है तो उनकी पत्नी जसोदाबेन जो कि अबतक सादगी भरा जीवन जी रही थी उन्हें एसपीजी सुरक्षा घेरे में रहना होगा।

एसपीजी की सुरक्षा लेनी होगी
मोदी अगर देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो अब तक अलग और सादगी भरा जीवन बिता रही उनकी मां हीराबेन को एसपीजी सुरक्षा घेरे के तामझाम का सामना करना पड़ेगा।

पीएम समेत उनके परिवार की सुरक्षा
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप कानून के मुताबिक प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही एसपीजी प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी, बच्चे और माता-पिता को सुरक्षा घेरे में लेती है।

सुरक्षा घेरा तोड़ना आसान नहीं
मोदी के पीएम बनने के बाद अगर जसोदाबेन और उनकी मां हीराबेन की सुरक्षा घेरे की मुसीबत से बाहर निकलना आसान नहीं होगा। अगर सुरक्षा विभाग ने खतरे का आकलन कर लिया तो कोई भी सदस्य सुरक्षा घेरे से इनकार नहीं कर सकता।
सादा जीवन में पड़ेगी खलल आसान नहीं होगी राह 40 सालों से सादा और अलग-थलग जीवन जीने वाली जसोदाबेन को सुरक्षा देने का फैसला सरकार करेगी कि प्रधानमंत्री के नजदीकी परिवार को एसपीजी सुरक्षा कवच में रखा जाए या नहीं।

सुरक्षा के दायरे में रहना होगा
मोदी के पीएम बनने के बाद अगर सरकार को लगा कि जसोदाबेन और हीराबेन को एसपीजी की जरूरत नहीं तो सुरक्षा सचिव एसपीजी से सुरक्षा हटाने के लिए कह सकते हैं। अगर सरकार का सुरक्षा तंत्र फैसला करे कि पीएम के नजदीकी परिवार वाले को सुरक्षा नहीं चाहिए तो हम सुरक्षा हटा सकते हैं।

पीएम के रिश्तेदारों के लिए अनिवार्य
सुरक्षा विभाग के उच्च अधिकारी के मुताबिक सरकार के लिए यह फैसला करना आसान नहीं होता। आतंकवाद और दूसरे अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री और उनके नजदीकी परिवार के प्रति कोई जोखिम नहीं उठाया जा सकता।

मोदी और उनके रिश्तेदार
एसपीजी कानून के मुताबिक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद पीएम और उनके नजदीकी रिश्तेदारों को अगले 10 सालों तक बिना रुकावट सुरक्षा मिलती रहेगी।












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