डेल्टा और ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट पर काफी प्रभावी है कोवैक्सीन की बूस्टर डोज:ICMR
नई दिल्ली, 15 जून। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर से इजाफा हो रहा है, जिसके चलते लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिस तरह से कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है उसे देखते हुए केंद्र की ओर से राज्यों को एडवायजरी जारी करके टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है। साथ ही 12-17 साल के बच्चों को वैक्सीन देने पर जोर देने का निर्देश दिया गया है। इस बीच आईसीएमआर की जो ताजा रिपोर्ट सामने आई है उसमे कहा गया है कि कोवैक्सीन की बूस्टर डोज कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के BA.1.1 और BA.2 के खिलाफ काफी कारगर है और इससे लोगों की सुरक्षा करने में मदद करती है। कोवैक्सीन की बूस्टर डोज वैक्सीन के प्रभाव को कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करेगी।

बता दें कि देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। पिछले कुछ दिनों से संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं, जिसके चलते एक बार फिर से स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से कोरोना के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा है। देश में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने की स्वास्थ्य मंत्रालय पुरजोर कोशिश कर रहा है, लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
इस बीच बड़ी चिंता का विषय यह सामने आया है कि देश में कोरोा वैक्सीन की एक बड़ी खेप सितंबर माह में एक्सपायर होने जा रही है। ऐसे में अगर इन वैक्सीन को लोगों को लगाया नहीं गया तो ये बर्बाद हो जाएंगी। भारत बायोटेक अपनी वैक्सीन को बेचने के लिए पिछले कुछ समय से अलग-अलग निजी अस्पतालों को संपर्क कर रही है। कोवैक्सीन की एक्सपायरी डेज 12 महीने के भीतर होती है, जबकि कोविशील्ड की 9 महीने के भीतर। भारत में तकरीबन 80 फीसदी खुाद कोविशील्ड की लोगों को लग चुकी है। कोविशील्ड की तकरीबन 20 करोड़ डोज को पिछले साल दिसंबर माह में तैयार किया गया था, जिसकी एक्सपायरी सितंबर माह में है। ऐसे में कंपनी इन वैक्सीन को नष्ट होने से बचाने की भरसक कोशिश कर रही हैं।












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