क्या वैक्सीन की बूस्टर डोज कोरोना से बचाएगी, ICMR प्रमुख ने दिया हर अपडेट
क्या वैक्सीन की बूस्टर डोज कोरोना से बचाएगी, ICMR प्रमुख ने दिया हर अपडेट
नई दिल्ली, 23 नवंबर: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के प्रमुख डॉ बलराम भार्गव ने कहा है कि अभी तक इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कोरोनावायरस बीमारी (कोविड -19) से सुरक्षा के लिए बूस्टर वैक्सीन की खुराक की आवश्यकता है। आईसीएमआर के महानिदेशक (डीजी) डॉ बलराम भार्गव ने कहा, "सभी वयस्क लोगों को फिलहाल सिर्फ कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने की जरूरत है। कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक सभी को मिले इस बात को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का टीकाकरण हो, सरकार की प्राथमिकता यही होनी चाहिए।''

क्या कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज कोरोना से बचाएगी?
डॉ बलराम भार्गव ने रविवार (21 नवंबर) को समाचार एजेंसी पीटीआई (भाषा) को बताया, "इसके अलावा, कोविड -19 के खिलाफ बूस्टर वैक्सीन की खुराक की आवश्यकता का समर्थन करने के लिए अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हमारे पास इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि वैक्सीन की बूस्टर डोज कोरोना से सुरक्षा प्रदान करने में जरूरी है।"

अशोक गहलोत ने कहा था- सबको मिली चाहिए वैक्सीन बूस्टर डोज
बता दें कि हाल के दिनों में, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई लोगों ने केंद्र सरकार से वैक्सीन की बूस्टर डोज की अनुमति देने का आग्रह किया है। हालांकि भारत में फिलहाल वैक्सीन की बूस्टर डोज को लेकर नवंबर के आखिरी में बैठक होनी है। इस बैठक में टीकाकरण पर केंद्र के शीर्ष विशेषज्ञ पैनल, टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) शामिल होंगे, जो बूस्टर शॉट्स जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही बच्चों के टीकाकरण का उद्घाटन भी किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीन की बूस्टर डोज पर क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा था, ''केंद्र ऐसे मामले में सीधा फैसला नहीं ले सकता। जब आईसीएमआर कहता है कि बूस्टर शॉट दिए जाने चाहिए, तब हम इस पर विचार करेंगे। वर्तमान में लक्ष्य आबादी का पूर्ण टीकाकरण पूरा करना है। एक बार ऐसा हो जाने के बाद बूस्टर पर फैसला लिया जाएगा। हमारे पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।''

क्या है देश में कोरोना वैक्सीनेशन के आंकडे़
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 940 मिलियन योग्य वयस्कों में से, लगभग 82 प्रतिशत ने कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है। वहीं लगभग 43 प्रतिशत लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराक ली हैं। यानी पूरी तरह से वैक्सीनेट हैं। कोरोना वायरस बीमारी के खिलाफ देशव्यापी टीकाकरण अभियान इसी साल 16 जनवरी 2021 से शुरू हुआ था। अब तक लगभग 1.17 अरब खुराकें दी जा चुकी हैं।












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