'मुझे केवल एक ही संदेह है': पीएम मोदी का जिक्र कर यूसीसी पर शरद पवार ने उठाए सवाल
एनसीपी चीफ शरद पवार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि लोगों में केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी को देखते हुए यूसीसी का मुद्दा उछाला गया है।
पवार ने यह भी कहा है कि विधि आयोग एक जिम्मेदार संस्था है और उसे जितने भी प्रस्ताव या सुझाव मिले हैं, उसपर अध्ययन करके ही आगे बढ़ना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस मसले पर पीएम मोदी को भी घेरने की कोशिश की है और कहा है कि उन्हें पता चला है कि सिख समुदाय भी यूसीसी के पक्ष में नहीं हैं।

'....लोगों की नाराजगी और बेचैनी प्रधानमंत्री तक पहुंच गई है'
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अभी तक समान नागरिक संहिता पर अपने स्टैंड पूरी तरह से साफ नहीं किए हैं। इस बीच पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने इस मसले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है, 'मुझे केवल एक ही संदेह है। देश के मौजूदा हालात और लोगों में वर्तमान सरकार के लिए नाराजगी देखने के बाद मुझे लगता है कि यह लोगों का मन इन सबसे हटाने की कोशिश है।' उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि लोगों की नाराजगी और बेचैनी प्रधानमंत्री तक पहुंच गई है।'
सिखों का स्टैंड नजरअंदाज नहीं किया जा सकता- पवार
पवार के मुताबिक, 'यूसीसी में एक चीज ये है कि सिख, जैन और क्रिश्चियन समुदाय का रुख स्पष्ट किया जाए। मुझे एक बात की चिंता है, मैंने सुना है कि सिख समुदाय का एक अलग स्टैंड है। मैं और जानकारी जुटा रहा हूं, लेकिन मैनें सुना है कि सिख समुदाय यूसीसी के पक्ष में नहीं है। इस समुदाय का स्टैंट नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।'
विधि आयोग सुझावों का अध्ययन करे- एनसीपी चीफ
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता का कहना है कि 'केंद्र सरकार ने इस मसले को विधि आयोग को दिया है और विधि आयोग ने विभिन्न संगठनों से इसपर प्रस्ताव मांगें हैं। अभी तक आयोग को 900 प्रस्ताव मिले हैं। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है कि उन प्रस्तावों में क्या कहा गया है, उन्होंने उन्हें सार्वजनिक नहीं किया है। विधि आयोग जैसी जिम्मेदार संस्था को उनको मिले प्रस्तावों/सुझावों पर अध्ययन और काम करना चाहिए।'
गौरतलब है कि यूसीसी हमेशा से भाजपा का प्रमुख एजेंडा रहा है। इस समय उत्तराखंड में इसपर एक पैनल अपने मसौदे को अंतिम रूप देने में लगा है। गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्य भी उस ड्राफ्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन सबके बीच पीएम मोदी ने एक समान नागरिक संहिता पर जोर देकर देश की राजनीति गरमा दी है।
कई विपक्षी दल भाजपा पर इसे अगले आम चुनावों के लिए शुरू किया गया हथकंडा बता रहे हैं। लेकिन, बीजेपी की ओर से इसपर जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी गई है और कयास लगाए जा रहे हैं कि बहुत जल्द इसपर केंद्र सरकार कोई फैसला ले सकती है।












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