वाकई डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं भारत के लिए नामुमकिन भी बन गया है
नई दिल्ली। पूर्व गृह सचिव आरके सिंह के एक बयान से सोमवार को सनसनी मचा दी थी। उन्होंने कहा था कि जिस समय अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे, उस समय पाकिस्तान में बैठे अंडरवर्ल्ड डॉन और मुंबई धमाके के आरोपी दाऊद इब्राहीम को पकड़ने के लिए पूरी तैयारी हो चुकी थी। मुंबई पुलिस के कुछ अफसरों की वजह से वह खास ऑपरेशन अपने अंजाम तक नहीं पहुंच सका।
पिछले कुछ समय से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी कई खबरें एक के बाद एक करके आ रही हैं। ज्यादातर खबरें उसके पकड़ने और उसे भारत लाने से ही जुड़ी हुर्इ हैं।
भारत ने कई बार डॉन का पकड़ने की तैयारी की लेकिन वह हाथ नहीं लग सका। एक नजर डालिए कि आखिर कब-कब भारत ने दाऊद इब्राहिम को पकड़ने की कोशिशें तो लेकिन ऐन मौके पर यह सारी कोशिशें फेल हो गईं।

वर्ष 1994
दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर और उस समय सीबीआई के डीआईजी रहे नीरज कुमार ने इस वर्ष की शुरुआत में दावा किया कि दाऊद इब्राहिम सरेंडर करना चाहता था लेकिन सरकार की कमियों के चलते ऐसा नहीं हो सका।

वर्ष 1994
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वर्ष 1994 में ही दाऊद इब्राहिम को कराची में खत्म करने का प्लान रॉ ने तैयार कर लिया था। लेकिन आखिरी मौके पर उस समय के प्रधानमंत्री रहे पीवी नरसिम्हा राव ने इसे रोक देने का आदेश दे दिया।

रॉ का एक और प्रयास
वर्ष 1994 में रॉ के एक प्लान के मुताबिक इंडियन एयरफोर्स के एक फाइटर जेट को दाऊद का प्लेन एस्कॉर्ट करने की तैयारी थी। इसके बाद जैसे ही उसका प्लेन पाक के एयरस्पेस से बाहर जाता इसे, मुंबई में लैंड कराने की योजना बनाई गई।

साउथ अफ्रीका के साथ भी असफल
पूर्व विशेष सचिव वापाल्ला बालचंद्रन के मुताबिक 20 सितंबर 1994 को ही साउथ अफ्रीका की इंटेलीजेंस एजेंसी को दाऊद इब्राहीम को पकड़ने में भारत की मदद चाहिए थी। भारत को दाऊद से जुड़े 18 पासपोर्ट भी दिए गए लेकिन उस समय भी सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

दाऊद की बेटी की शादी
वर्ष 2005 में दाऊद इब्राहिम ने अपनी बेटी की शादी पाक के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे से दुबई में की थी। पहले इस शादी में दाऊद के आने की कोई चर्चा नहीं थी लेकिन बाद में पता चला कि दाऊद ने भी इस शादी को अटेंड किया था।

वर्ष 2013
वर्ष 2011 अमेरिका ने दाऊद इब्राहिम को ग्लोबल टेररिस्त घोषित कर दिया था। पूर्व गृहमंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे ने की मानें तो दाऊद के बारे में अमेरिका को सारी जानकारी दे दी गई। लेकिन फिर भी भारत ने ग्लोबल टेररिस्ट के खिलाफ कार्रवाई में मदद का अनुरोध नहीं किया।

वर्ष 2013
डिफेंसफोरम ऑफ इंडिया इस वेबसाइट की मानें तो वर्ष 2013 में रॉ की ओर से एक कोवर्ट मिशन तैयार किया गया था। इसके लिए नौ एजेंट्स के जरिए कराची में एक खास ऑपरेशन की तैयारी भी थी लेकिन आखिरी मौके पर एक कॉल की वजह से इस ऑपरेशन को भी रोक दिया गया।












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