बीजेपी की चाणक्य रणनीति, जो गुजरात चुनाव में कांग्रेस और देश को चौंका सकती है

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अहमदाबाद। गुजरात चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए कई मायनों में अहम है, सबसे बड़ी बात यह कि गुजरात का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल क्योंकि यह उनका गृह राज्य है और गुजरात के विकास मॉडल का जिक्र ना सिर्फ भाजपा के तमाम नेता बल्कि खुद प्रधानमंत्री भी हर जगह करते हैं। ऐसे में भाजपा के कुशल रणनीतिकार अमित शाह गुजरात के चुनाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। जिस तरह से यूपी सहित अलग-अलग राज्यों में शाह ने अपनी चुनावी रणनीति का लोहा मनवाया था उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि गुजरात में अमित शाह की यह बड़ी अग्निपरीक्षा है। गुजरात का किला फतह करने के लिए अमित शाह ने अलग-अलग स्तर पर रणनीति बनाई है, उन्हें बूथ लेवल को मैनेज करने के लिए खास तौर पर जाना जाता है और अपनी इसी काबिलियत के दम पर शाह लगातार बेहतर परिणाम देते आए हैं। गुजरात चुनाव में भी अमित शाह हर छोटे से छोटे स्तर पर अपनी पैनी नजर रख रहे हैं। शाह ने अपनी रणनीति को जमीन पर लागू करने के लिए अपने भरोसेमंद लोगों की एक टीम को तैयार किया है, लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार कार्य सौंपा गया है।

बूथ लेवल पर भाजपा का पूरा जोर

बूथ लेवल पर भाजपा का पूरा जोर

बूथ लेवल पर भाजपा हमेशा से ही अपनी ताकत झोंकती है, गुजरात में भी पार्टी ने सभी 182 सीटों पर दस लाख पन्ना प्रमुख, 58 हजार बूथ इंचार्ज को नियुक्त किया है। इन सभी लोगों से उनका फीडबैक लेने के लिए 182 विधानसभाओं में 182 विधानसभा इंचार्ज को नियुक्त किया गया है। इन सभी 182 विधानसभा इंचार्ज से भाजपा के गुजरात संगठन के मंत्री भिखूभाई दलसानिया फीडबैक लेते हैं। दलसानिया वर्ष 2004 से गुजरात संगठन के मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं।

फीडबैक के बाद बनती है रणनीति

फीडबैक के बाद बनती है रणनीति

दलसानिया ने दो लोकसभा चुनावों और दो विधानसभा चुनावों में संगठन की जिम्मेदारी निभाई है, वह हर जगह से कार्यकर्ताओं और बूथ इंचार्ज का फीडबैक लेते हैं। उनसे मिले फीडबैक को वह अमित शाह के साथ साझा करते है, जिसके आधार पर अमित शाह और उनकी टीम चुनावी रणनीति को दिशा देती है। इस फीडबैक के आधार पर ही सोशल मीडिया पर पार्टी अपनी रणनीति और चुनाव अभियान को आगे बढ़ाती है।

सोशल मीडिया पर भी पूरा ध्यान

सोशल मीडिया पर भी पूरा ध्यान

मौजूदा समय में सोशल मीडिया चुनाव में अहम भूमिका निभाता है, इसे सभी दल बेहतर तरीके से समझते हैं। भाजपा के भीतर सोशल मीडिया की रणनीति बनाने का जिम्मा विजय चौथाईवाला पर है, उन्होंने 2014 में भी पीएम मोदी के सोशल मीडिया का जिम्मा संभाला था। चौथाईवाला की टीम में पंकज शुक्ला भी हैं। चौथाईवाला को पार्टी का विश्वसनीय व्यक्ति माना जाता है, खुद पीएम मोदी और अमित शाह उनपर काफी भरोसा करते हैं।

जेटली तय करते हैं पार्टी की लाइन

जेटली तय करते हैं पार्टी की लाइन

सोशल मीडिया के अलावा मुख्य मीडिया पर किस मुद्दे पर कौन सा नेता प्रेस कांफ्रेंस करेगा इसकी जिम्मेदारी भाजपा के राष्ट्रीय सह मीडिया प्रमुख संजय मयुख व पार्टी के महासचिव भूपेंद्र यादव के कंधे पर है। वित्त मंत्री अरुण जेटली पार्टी की राय को इन लोगों को फोन पर बताते हैं। आपको बता दें कि अरुण जेटली गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रभारी मंत्री हैं। इसके अलावा भाजपा के महासचिव अनिल जैन सभी 182 विधानसभा सीटों पर कॉल सेंटर से फीडबैक लेते हैं, वह यह तय करते हैं कि किस नेता की रैली कहां होगी।

देर रात होती है अहम बैठक

देर रात होती है अहम बैठक

गुजरात का किला फतह करने के लिए भाजपा ने गुजरात चुनाव को चार जोन में बांटा है, इन सभी जोन में चार केंद्रीय मंत्रियों को प्रभारी बनाया गया है, जोकि नरेंद्र तोमर, निर्मला सीतारमण, जितेंद्र सिंह पीपी चौधरी हैं। प्रदेश में चुनाव प्रचार के बाद हर रोज देर रात अमित शाह मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, महासचिव रामलाल, गुजरात भाजपा इंचार्ज भूपेंद्र यादव, महासचिव अनिल जैन, भिखूभाई दलसानिया के साथ बैठक करते हैं और उनका फीडबैक लेते हैं।

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English summary
How Amit Shah is planning to win the battle of Gujarat assembly election full strategy. Party has focused on booth level and appointed more than 10 lack workers.
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