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क्या HMPV अगला कोरोना वायरस है? देश के टॉप वायरोलॉजिस्ट ने किया अलर्ट, सावधानी बरतने की सलाह

HMPV News: चीनी वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) ने देश में सनसनी फैला दी है। अब तक इसके 7 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों के अंदर इसे लेकर कई सवाल है, जिसमें ये भी कि क्या एचएमपीवी अगला कोविड-19 तो नहीं है। ऐसे में देश की टॉप वायरोलॉजिस्ट डॉ. सौमित्र दास ने क्या कहा, इसे जानना बेहद जरूरी है।

डॉ. सौमित्र दास ने बताया कि HMPV संक्रमण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों से शुरू होता है और अगर यह कमजोर प्रतिरक्षा वाले शरीर में गंभीर हो जाता है, तो यह ब्रोंकियोलाइटिस (एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो फेफड़ों के छोटे वायुमार्ग (ब्रोंकियोल) को प्रभावित करती है) का कारण बन सकती है। कुछ केस में यह बुजुर्ग या शिशुओं में निमोनिया का कारण बन सकता है।

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HMPV कोरोना वायरस से नहीं की जा सकती तुलना

न्यूज18 से बात करते हुए डॉ. सौमित्र दास ने बताया कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) की तुलना कोरोना वायरस से नहीं की जा सकती है, लेकिन इसे सावधानी से संभालना बुद्धिमानी है। भारतीय विज्ञान संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी और सेल बायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और अध्यक्ष डॉ. दास ने बताया, "एचएमपीवी कोई नई बीमारी नहीं है और इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है।" 2001 के बाद यह पहली बार है, जब इस वायरस ने चीन में प्रकोप पैदा किया है।

उन्होंने बताया कि, "यह पहली बार 2001 में एक शिशु रोगी में पाया गया था, क्योंकि यह श्वसन संबंधी बीमारी का कारण बनता है। तब से इस पर नजर रखी जा रही है और चीन द्वारा रिपोर्ट किए जाने तक इसका वास्तव में प्रकोप नहीं हुआ है।"

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

दास ने बताया कि इससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि यह इस समय कोविड-19 जैसा खतरा पैदा नहीं करता है, लेकिन कुछ मामलों में यह इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) या गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) जैसी बीमारियों का कारण बनता है।

ये भी पढ़ें: HMPV Active Cases In India: टेस्ट किए गए नमूनों में से 3% पॉजिटिव, भारत में 7 एक्टिव केस, जानें कहां-कहां?

अपने आप ठीक हो जाता है HMP वायरस

वहीं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस वायरस के इलाज को लेकर कहा कि इसमें एंटीबायोटिक्स की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि यह श्वसन से जुड़ी बीमारी है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी है। डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार यह वायरस आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। अगर बुखार है तो दवा लें, पानी पीते रहें और पोषण वाला खाना खाएं। उन्होंने बताया कि HMPV में हल्का संक्रमण होता है। मगर शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में यह निमोनिया का कारण बन जाता है।

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